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    डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने जमीन पर काम का किया ऐलान, डिजिटल प्लेटफॉर्म और सम्मान अभियान शुरू

    Devanand SinghBy Devanand SinghAugust 6, 2026No Comments4 Mins Read
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    डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस
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    लेखक: देवानंद सिंह

    डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने देशभर में जमीनी स्तर पर अपने कार्यों का विस्तार करने की घोषणा की है। यह संगठन आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित किया गया है और अब मीडिया तक सीमित न रहकर सीधे जनता के बीच काम करेगा।

    डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस का नया अभियान

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    देवानंद सिंह
    मुंबई/लखनऊ: आरटीआई एक्टिविस्ट दानिश खान द्वारा स्थापित डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस ने अब केवल मीडिया तक सीमित रहने के बजाय देशभर में जमीनी स्तर पर काम करने की घोषणा की है। संगठन, जो भारत सरकार के कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत है, ने अपना डिजिटल सिस्टम शुरू करते हुए लोगों को शिकायत दर्ज कराने, जानकारी प्राप्त करने और संगठन से जुड़ने की सुविधा देने का दावा किया है।

    संगठन ने ‘भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट’ अभियान भी शुरू किया है, जिसके तहत समाज और देशहित में उल्लेखनीय कार्य करने वाले सरकारी, निजी और सामाजिक क्षेत्र के लोगों को सम्मानित किया जाएगा। दानिश खान ने कहा कि शुरुआती वर्षों की कमियों को दूर कर अब संगठन मानवाधिकार, आरटीआई जागरूकता और सामाजिक कल्याण के कार्यों को प्राथमिकता देगा। संगठन का मुख्यालय लखनऊ तथा कार्यालय दिल्ली में है। दानिश खान पिछले 15 वर्षों से अधिक समय से आरटीआई और मानवाधिकार से जुड़े मामलों में सक्रिय रहने का दावा करते हैं।

    डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़ें

    नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं, सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और फाउंडेशन के विभिन्न अभियानों से जुड़ सकते हैं। यह पहल पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अधिक जानकारी के लिए आप कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं।

    भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट का उद्देश्य

    भारत सम्मान एप्रिसिएशन सर्टिफिकेट अभियान का उद्देश्य उन व्यक्तियों और संस्थानों को पहचान दिलाना है जो समाज निर्माण में असाधारण योगदान दे रहे हैं। इस सम्मान के लिए सरकारी अधिकारी, निजी क्षेत्र के उद्यमी, सामाजिक कार्यकर्ता और आम नागरिक नामांकन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया पारदर्शी होगी और एक प्रतिष्ठित जूरी द्वारा की जाएगी।

    फाउंडेशन के संस्थापक दानिश खान ने बताया कि पिछले 15 वर्षों में उन्होंने सूचना के अधिकार और मानवाधिकारों के क्षेत्र में अनेक चुनौतियों का सामना किया है। अब उनका लक्ष्य इन अनुभवों को संस्थागत रूप देकर अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है। लखनऊ स्थित मुख्यालय और दिल्ली कार्यालय के साथ फाउंडेशन जल्द ही अन्य राज्यों में भी अपने केंद्र खोलेगा।

    इस पहल का स्वागत करते हुए सामाजिक क्षेत्र के विशेषज्ञों ने कहा कि जमीनी स्तर पर काम करने वाले संगठनों की संख्या बढ़ने से लोकतंत्र मजबूत होगा। डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस का यह कदम नागरिक सशक्तिकरण की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।

    आरटीआई जागरूकता और मानवाधिकार पर फोकस

    सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 भारतीय नागरिकों को सरकारी विभागों से जानकारी मांगने का अधिकार देता है। दानिश खान लंबे समय से इस कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अभियान चला रहे हैं। उनके द्वारा दायर की गई आरटीआई अर्जियों ने कई भ्रष्टाचार के मामलों को उजागर किया है। फाउंडेशन अब ग्रामीण क्षेत्रों में आरटीआई शिविर आयोजित करेगा ताकि आम नागरिक अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सकें।

    सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकरण का महत्व

    कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के तहत सेक्शन-8 कंपनी के रूप में पंजीकृत होने का अर्थ है कि यह संगठन लाभ कमाने के उद्देश्य से नहीं, बल्कि धर्मार्थ, सामाजिक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान, कला या पर्यावरण संरक्षण जैसे उद्देश्यों के लिए कार्य करता है। इसकी आय केवल संगठन के उद्देश्यों को बढ़ावा देने के लिए उपयोग की जाती है और सदस्यों को लाभांश नहीं दिया जाता। यह संरचना दानदाताओं और हितधारकों के बीच विश्वास बढ़ाती है।

    भविष्य की योजनाएं

    आने वाले महीनों में डीके फाउंडेशन ऑफ फ्रीडम एंड जस्टिस की योजना उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली-एनसीआर में जिला स्तरीय कार्यालय खोलने की है। इसके अलावा, एक मोबाइल ऐप लॉन्च किया जाएगा जो नागरिकों को शिकायत दर्ज करने और ट्रैक करने की सुविधा देगा। फाउंडेशन स्कूलों और कॉलेजों में मानवाधिकार शिक्षा कार्यक्रम भी शुरू करेगा।

    Danish Khan DK Foundation Freedom and Justice RTI Activist Social Welfare
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