लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुंबई के विक्रोली में खूनी मंजर ने पूरे इलाके को दहला दिया है। विक्रोली वेस्ट के राहुल नगर में एक पारिवारिक विवाद ने ऐसा खूनी रूप लिया कि पिता-पुत्र की जान चली गई और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
विक्रोली में खूनी मंजर: घटना का विवरण
इंद्र यादव/मुंबई/विक्रोली वेस्ट के राहुल नगर में एक बहुत दुखद घटना हुई। एक परिवार के अंदर झगड़ा इतना बढ़ गया कि चाकू चल गया। दो लोगों की जान चली गई और दो घायल हो गए।
रात में घर पर तेज संगीत बज रहा था। कुछ परिवार के सदस्यों ने इस संगीत पर आपत्ति जताई। इससे झगड़ा शुरू हो गया। पहले बातचीत हुई, फिर चिल्लाहट हुई। झगड़ा बढ़ता गया। लोग एक-दूसरे पर मुक्के और लात मारने लगे। फिर किसी ने चाकू निकाल लिया।
चाकू से हमला होने के बाद सुनील विश्वकर्मा (40 साल) और उनके 14 साल के बेटे श्लोक विश्वकर्मा बुरी तरह घायल हो गए। दोनों को जल्दी से राजवाड़ी अस्पताल ले जाया गया। लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान दोनों की मौत हो गई।
सुनील की पत्नी अंजू विश्वकर्मा और उनका छोटा बेटा विवान भी चाकू से घायल हुए हैं। दोनों अभी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। उनकी हालत के बारे में और जानकारी मिलने का इंतजार है।
पार्कसाइट पुलिस ने घटना की जानकारी मिलते ही पहुंचकर जगह को घेर लिया। पुलिस ने दो लोगों को पकड़ लिया है। उनके नाम हैं सुरेंद्र विश्वकर्मा और सूरज विश्वकर्मा। दोनों को हिरासत में लिया गया है। अधिक जानकारी के लिए मुंबई पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट देखें।
पुलिस कह रही है कि यह झगड़ा परिवार के अंदर ही हुआ। तेज संगीत को लेकर विवाद शुरू हुआ और फिर हिंसा में बदल गया। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम जांच कर रही है। पुलिस पूरा मामला समझ रही है कि ठीक-ठीक क्या हुआ और क्यों हुआ।
इलाके के लोग बहुत डरे और दुखी हैं। वे कह रहे हैं कि छोटे झगड़े इतने बड़े रूप ले सकते हैं, यह सोचकर डर लगता है। पुलिस आगे की जांच जारी रखे हुए है।
विक्रोली मुंबई का एक घनी आबादी वाला उपनगरीय इलाका है जहां अक्सर पारिवारिक और पड़ोस से जुड़े विवाद सामने आते रहते हैं। राहुल नगर जैसी झुग्गी बस्तियों में जगह की कमी और तनावपूर्ण माहौल अक्सर छोटी-छोटी बातों को बड़े झगड़े में बदल देता है।
कानूनी जानकारों के अनुसार, भारतीय दंड संहिता की धारा 302 (हत्या) और 307 (हत्या का प्रयास) के तहत आरोपियों पर मुकदमा चलाया जाएगा। फॉरेंसिक सबूत और चश्मदीद गवाह इस मामले में अहम भूमिका निभाएंगे।
स्थानीय निवासियों ने पुलिस गश्त बढ़ाने और सामुदायिक सुलह केंद्र स्थापित करने की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके। सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि तनाव प्रबंधन और संघर्ष समाधान की शिक्षा जरूरी है।
पुलिस उपायुक्त (जोन 7) ने मीडिया को बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और सभी कोणों से जांच की जा रही है। आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। जल्द ही चार्जशीट दाखिल की जाएगी।
इस घटना ने एक बार फिर समाज में बढ़ती असहिष्णुता और छोटे विवादों के खूनी अंजाम तक पहुंचने की प्रवृत्ति को उजागर किया है। स्थानीय निवासी प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

