सरायकेला में नक्सल विरोधी अभियान को बड़ी कामयाबी, तीन इनामी नक्सलियों की गिरफ्तारी की चर्चा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला: झारखंड में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के बीच सरायकेला-खरसावां जिले से एक बड़ी सफलता की खबर सामने आ रही है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, जिला पुलिस और सीआरपीएफ की संयुक्त टीम ने विशेष अभियान चलाकर तीन इनामी नक्सलियों को गिरफ्तार किया है। हालांकि, इस कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि अभी तक पुलिस की ओर से नहीं की गई है।

सूत्रों के मुताबिक गिरफ्तार किए गए नक्सलियों में 15 लाख रुपये का इनामी मदन महतो, 5 लाख रुपये का इनामी रवि सरदार तथा उसकी पत्नी मीणा शामिल हैं। बताया जा रहा है कि तीनों प्रतिबंधित नक्सली संगठन से जुड़े हुए थे और लंबे समय से सुरक्षा एजेंसियों की वांछित सूची में शामिल थे।
जानकारी के अनुसार, सुरक्षा एजेंसियों को इन नक्सलियों की मौजूदगी की गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त रूप से योजनाबद्ध तरीके से अलग-अलग स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। अभियान के दौरान कांड्रा थाना क्षेत्र के उदयपुर से रवि सरदार को गिरफ्तार किया गया, जबकि चांडिल थाना क्षेत्र के कांदरबेड़ा से मदन महतो और मीणा को हिरासत में लिया गया। पूरे ऑपरेशन को अत्यंत गोपनीय रखा गया ताकि कार्रवाई से पहले किसी भी प्रकार की सूचना न लीक हो सके।

सूत्रों का यह भी दावा है कि गिरफ्तार नक्सलियों के पास से एक AK-47 राइफल, एक पिस्टल, कई कारतूस तथा नक्सली गतिविधियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य सामग्री बरामद की गई है। बरामद सामान की जांच की जा रही है और सुरक्षा एजेंसियां आरोपियों से पूछताछ कर संगठन के शेष नेटवर्क, हथियारों के ठिकानों और अन्य सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाने में लगी हैं।

सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि झारखंड में नक्सली संगठन पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुका है। लगातार चल रहे अभियान, गिरफ्तारियों और आत्मसमर्पण की घटनाओं के कारण संगठन की गतिविधियां सीमित हो गई हैं। इसके बावजूद सीमावर्ती क्षेत्रों में संभावित गतिविधियों को देखते हुए सुरक्षा बल पूरी सतर्कता के साथ अभियान जारी रखे हुए हैं।
फिलहाल पुलिस मुख्यालय की ओर से इस कार्रवाई को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि प्रेस वार्ता के बाद पूरे अभियान, गिरफ्तार आरोपियों और बरामद हथियारों को लेकर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी। आधिकारिक पुष्टि होने के बाद यह कार्रवाई झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियों में गिनी जा सकती है।

