लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के बर्मामाइंस थाना क्षेत्र में कंटेनर यार्ड गोलीकांड ने इलाके में सनसनी फैला दी है। रेलवे कंटेनर यार्ड के पास हुई इस गोलीबारी में घायल युवक अफताब आलम की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद स्थानीय बस्तीवासियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने थाने के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन किया।
कंटेनर यार्ड गोलीकांड: घटना का पूरा ब्यौरा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। बर्मामाइंस थाना क्षेत्र स्थित रेलवे कंटेनर यार्ड के पास हुई गोलीबारी में घायल अफताब आलम की इलाज के दौरान मौत के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के विरोध में मंगलवार को स्थानीय बस्तीवासियों ने बर्मामाइंस थाना के समीप सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया।
सिटी एसपी ललित मीणा ने बताया कि 2 अगस्त की रात अफताब आलम पर जानलेवा फायरिंग की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर गठित एसआईटी ने तकनीकी जांच और गुप्त सूचना के आधार पर कैरेज कॉलोनी, मुस्लिम बस्ती में छापेमारी कर मुख्य आरोपी मो. समद और कुलसुम बीबी को गिरफ्तार किया। उनकी निशानदेही पर घटना से पहले रेकी में इस्तेमाल की गई बिना नंबर प्लेट की स्कूटी भी बरामद की गई है।
पुलिस के अनुसार मो. समद का आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, मारपीट तथा एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना के पीछे की साजिश और फायरिंग के कारणों की हर पहलू से जांच जारी है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और एसआईटी का गठन
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। इस दल ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिरों की सूचना पर तेजी से काम करते हुए 24 घंटे के अंदर मुख्य आरोपियों को दबोच लिया। सिटी एसपी ललित मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपियों के पास से घटना में प्रयुक्त हथियार की बरामदगी के लिए भी छापेमारी जारी है।
आरोपी मो. समद का लंबा आपराधिक रिकॉर्ड
गिरफ्तार मुख्य आरोपी मो. समद कोई नया नाम नहीं है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक उसके खिलाफ पूर्व में हत्या के प्रयास, मारपीट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। वह इलाके का कुख्यात बदमाश माना जाता है। उसकी गिरफ्तारी से पुलिस को अन्य लंबित मामलों में भी सुराग मिलने की उम्मीद है। साथ ही सह-आरोपी कुलसुम बीबी की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है।
बर्मामाइंस में तनाव, भारी पुलिस बल तैनात
अफताब आलम की मौत की खबर फैलते ही मंगलवार सुबह सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासी बर्मामाइंस थाने के सामने जमा हो गए। उन्होंने टायर जलाकर और बैनर-पोस्टर लेकर सड़क जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि सभी आरोपियों को अविलंब गिरफ्तार किया जाए और मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। स्थिति बेकाबू न हो, इसके लिए जमशेदपुर पुलिस ने इलाके में धारा 144 लागू करते हुए भारी संख्या में जवानों को तैनात कर दिया है।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्य बने अहम कड़ी
जांच में जुटी एसआईटी ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें बिना नंबर प्लेट वाली एक स्कूटी पर सवार दो संदिग्धों को घटनास्थल की रेकी करते देखा गया। इसी फुटेज के आधार पर पुलिस कैरेज कॉलोनी और मुस्लिम बस्ती तक पहुंची। बरामद स्कूटी को फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक जल्द ही फायरिंग में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया जाएगा।
इलाके में शांति बहाली के प्रयास जारी
जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों और शांति समिति के सदस्यों के साथ बैठक कर माहौल को सामान्य बनाने की कोशिश में जुटे हैं। उपायुक्त ने मृतक के परिजनों को सरकारी प्रावधानों के तहत हरसंभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। वहीं, पुलिस ने आम लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
इस बीच, शहर के अन्य थाना क्षेत्रों में भी एहतियातन गश्त बढ़ा दी गई है। सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर साइबर सेल की पैनी नजर है। झारखंड पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर भी इस संबंध में अपडेट जारी किए जा रहे हैं।

