लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड सरकार के निर्देश पर मंगलवार को पोटका प्रखंड मुख्यालय में जिला परिवहन कार्यालय, पूर्वी सिंहभूम की ओर से ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का आयोजन किया गया। शिविर में पोटका प्रखंड के विभिन्न गांवों से बड़ी संख्या में युवक-युवतियां ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने पहुंचे। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन पोटका विधायक संजीव सरदार ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने युवाओं के बीच लर्निंग लाइसेंस का वितरण भी किया।
ग्रामीण युवाओं को घर के करीब मिल रही सुविधा
इस अवसर पर विधायक संजीव सरदार ने कहा कि झारखंड के इतिहास में पहली बार युवा मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सोच के अनुरूप ग्रामीण क्षेत्रों में प्रखंड एवं पंचायत स्तर पर शिविर लगाकर ड्राइविंग लाइसेंस कैंप बनाने की पहल की जा रही है। उन्होंने कहा कि पहले ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। दूरी और अन्य कारणों से कई युवा लाइसेंस नहीं बनवा पाते थे, जिससे उन्हें आगे चलकर कई तरह की परेशानियां होती थीं। अब सरकार की इस पहल से ग्रामीण युवाओं को अपने क्षेत्र में ही यह सुविधा मिल रही है।
भीड़ को देखते हुए अन्य क्षेत्रों में भी लगेंगे कैंप
विधायक ने कहा कि पोटका में आयोजित शिविर में बड़ी संख्या में युवक-युवतियां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग आज के शिविर में किसी कारणवश ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने से वंचित रह गए हैं, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है। जल्द ही पोटका के अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह के शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि अधिक से अधिक युवाओं को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने युवाओं से यातायात नियमों का पालन करते हुए वैध ड्राइविंग लाइसेंस के साथ ही वाहन चलाने की अपील की।
कार्यक्रम में बीडीओ अरुण कुमार मुंडा, अंचलाधिकारी निकिता बाला, थाना प्रभारी सन्नी टोप्पो, जिला परिवहन पदाधिकारी सहित जिला परिवहन कार्यालय एवं प्रखंड प्रशासन के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
ड्राइविंग लाइसेंस कैंप का ग्रामीण युवाओं पर प्रभाव
ग्रामीण क्षेत्रों में ड्राइविंग लाइसेंस कैंप जैसे आयोजन युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वैध लाइसेंस न होने के कारण कई युवा ड्राइविंग संबंधी नौकरियों से वंचित रह जाते थे। अब प्रखंड स्तर पर ही सुविधा उपलब्ध होने से समय और धन दोनों की बचत होगी। साथ ही यातायात नियमों के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।
आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक दस्तावेज
ड्राइविंग लाइसेंस के लिए आवेदन हेतु आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो आवश्यक हैं। ऑनलाइन आवेदन के लिए परिवहन सेवा पोर्टल पर जाकर प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। शिविर में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी प्रदान की गई। आवेदकों को लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन टेस्ट भी देना होता है।
भविष्य की योजनाएं
पोटका में इस सफल आयोजन के बाद प्रशासन अन्य प्रखंडों में भी ऐसे शिविर लगाने की योजना बना रहा है। युवाओं की उत्साहजनक भागीदारी से साफ है कि ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसी सुविधाओं की अत्यधिक आवश्यकता है। विधायक संजीव सरदार ने आश्वासन दिया कि जल्द ही पंचायत स्तर पर भी कैंप आयोजित किए जाएंगे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- प्रश्न: लर्निंग लाइसेंस की वैधता कितने दिनों की होती है? उत्तर: लर्निंग लाइसेंस 6 महीने के लिए वैध होता है।
- प्रश्न: क्या ऑनलाइन आवेदन के बाद शिविर आना जरूरी है? उत्तर: हां, दस्तावेज सत्यापन और बायोमेट्रिक के लिए उपस्थित होना अनिवार्य है।
- प्रश्न: क्या भारी वाहन के लाइसेंस के लिए भी यही प्रक्रिया है? उत्तर: भारी वाहन के लिए अलग से प्रशिक्षण और परीक्षा देनी होती है।

