असम में आई भीषण बाढ़ के बीच भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने असम क्रिकेट संघ (एसीए) से संवेदनशीलता बरतने की अपील की है. बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने असम प्रीमियर लीग (एपीएल) के सफल आयोजन के लिए एसीए को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए टूर्नामेंट का आयोजन अत्यधिक भव्य तरीके से नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि राज्य के कई हिस्से बाढ़ की गंभीर मार झेल रहे हैं और ऐसे समय में लोगों की भावनाओं का सम्मान करना बेहद आवश्यक है.
देवजीत सैकिया ने स्पष्ट किया कि एपीएल को स्थगित करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है, क्योंकि घरेलू क्रिकेट कैलेंडर पहले से तय है और आगामी आठ महीनों तक कोई उपयुक्त समय उपलब्ध नहीं रहेगा. उन्होंने बताया कि टूर्नामेंट के लिए सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं और इसके बाद घरेलू क्रिकेट सत्र शुरू हो जाएगा, जो सीधे वर्ष 2027 के इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) तक चलेगा. ऐसे में यदि टूर्नामेंट एक अगस्त से 23 अगस्त के बीच आयोजित नहीं किया गया तो अगले आठ महीनों तक इसके लिए कोई समय नहीं मिल पाएगा.
बीसीसीआई सचिव ने कहा कि उनका उद्देश्य टूर्नामेंट का विरोध करना नहीं, बल्कि वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए उसके आयोजन में सादगी और संवेदनशीलता बनाए रखने का आग्रह करना है. उन्होंने कहा कि मनोरंजन से जुड़े बड़े आयोजनों के दौरान यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे लोगों की भावनाओं को ठेस न पहुंचे. इसलिए एसीए को चाहिए कि वह टूर्नामेंट को सामान्य ढंग से आयोजित करे और अनावश्यक भव्यता से परहेज करे.
सैकिया ने इस अवसर पर असम क्रिकेट संघ की सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की भी सराहना की. उन्होंने कहा कि एसीए हमेशा राज्य के लोगों के साथ खड़ा रहा है और इस वर्ष भी उसने बाढ़ राहत कार्यों के लिए 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान कर मानवीय संवेदनाओं का परिचय दिया है. उनके अनुसार खेल संस्थाओं की भूमिका केवल प्रतियोगिताएं आयोजित करने तक सीमित नहीं होती, बल्कि आपदा के समय समाज के साथ खड़े होना भी उनकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है.
असम प्रीमियर लीग का पहला संस्करण एक अगस्त से शुरू होगा. उद्घाटन मुकाबला चराइदेव सनराइजर्स और बारपेटा ब्रेव्स के बीच खेला जाएगा. टूर्नामेंट में कुल 43 मुकाबले खेले जाएंगे, जिनमें 40 लीग मैच, दो सेमीफाइनल और एक फाइनल शामिल होगा. प्रतियोगिता का समापन 23 अगस्त को प्रस्तावित है.
बीसीसीआई की इस अपील को खेल और सामाजिक जिम्मेदारी के बीच संतुलन बनाने की पहल के रूप में देखा जा रहा है. एक ओर क्रिकेट प्रेमियों में एपीएल को लेकर उत्साह है, वहीं दूसरी ओर बाढ़ प्रभावित लोगों के प्रति संवेदनशीलता बनाए रखने का संदेश भी उतना ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर होंगी कि असम क्रिकेट संघ बीसीसीआई की सलाह के अनुरूप टूर्नामेंट के आयोजन को किस प्रकार संयमित और गरिमापूर्ण रूप देता है.

