लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर के कदमा स्थित ब्रह्मलोकधाम में श्री श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 का आयोजन बड़ी धूमधाम और आध्यात्मिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ।
भारतीय युगवशिष्ठ ब्रह्मानन्द संघ द्वारा कदमा स्थित ब्रह्मलोकधाम में श्री श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव 2026 श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के साथ मनाया गया। कार्यक्रम का आयोजन श्री मोनू भट्टाचार्य के देखरेख में संपन्न हुआ।
महोत्सव के दौरान महा श्रृंगार, नगर कीर्तन, महा आरती, ध्वज तोलन, ध्वज अभिवादन, सामूहिक जाप, गुरु पूजन, हवन-होम, भजन-कीर्तन तथा सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम और भजन संध्या का आयोजन किया गया। हजारों श्रद्धालुओं ने गुरु चरणों में उपस्थित होकर पूजा-अर्चना की तथा महाप्रसाद ग्रहण किया।
आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए समाज में शांति, सद्भाव, आध्यात्मिक जागरण और मानव कल्याण की कामना की।
श्री श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
इस वर्ष के श्री श्री गुरु पूर्णिमा महोत्सव में कई विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए जिन्होंने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। महा श्रृंगार में गुरु प्रतिमा का अलौकिक श्रृंगार किया गया, वहीं नगर कीर्तन में भक्तों ने भजन-कीर्तन करते हुए पूरे कदमा क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया। महा आरती के समय हजारों दीपों की ज्योति से पूरा परिसर जगमगा उठा।
ध्वज तोलन और सामूहिक जाप का विशेष महत्व
ध्वज तोलन और ध्वज अभिवादन कार्यक्रम में संघ के पदाधिकारियों ने धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया। सामूहिक जाप में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने एक साथ गुरु मंत्र का जाप किया, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। गुरु पूजन और हवन-होम में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच आहुतियां दी गईं।
सांस्कृतिक संध्या और भजन संध्या
सायंकाल सांस्कृतिक कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों ने भक्ति नृत्य और संगीत की प्रस्तुति दी। भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायकों ने गुरु महिमा का गुणगान किया, जिससे श्रोता भावविभोर हो गए। कार्यक्रम के अंत में महाप्रसाद वितरण हुआ, जिसे ग्रहण करने के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं।
आयोजकों का संदेश और आभार
भारतीय युगवशिष्ठ ब्रह्मानन्द संघ के पदाधिकारियों ने सफल आयोजन के लिए सभी श्रद्धालुओं, स्वयंसेवकों और सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक जागरण को बल मिलता है। संघ भविष्य में भी मानव कल्याण हेतु ऐसे आयोजन करता रहेगा।
गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर ब्रह्मलोकधाम में उमड़ा जनसैलाब यह सिद्ध करता है कि गुरु भक्ति आज भी जनमानस के हृदय में गहरी पैठ रखती है। इस आयोजन की भव्यता देखते ही बनती थी। अधिक जानकारी के लिए गुरु पूर्णिमा का इतिहास देखें।

