प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है, यह घोषणा शनिवार को हुई जब राष्ट्रपति ने धर्मेन्द्र प्रधान का इस्तीफा स्वीकार कर लिया।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया: प्रमुख विवरण
नयी दिल्ली, 25 जुलाई (भाषा) केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शनिवार को धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे के बाद शिक्षा मंत्री नियुक्त किया गया है।
जोशी को उनके उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के अतिरिक्त शिक्षा मंत्रालय का प्रभार सौंपा गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सलाह पर प्रधान का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है।
विज्ञप्ति में कहा गया है कि प्रधानमंत्री की सलाह पर राष्ट्रपति ने कैबिनेट मंत्री जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपने का निर्देश दिया है।
इससे पहले प्रधान ने देशभर में कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के नेतृत्व में हुए आंदोलन के बाद प्रधान ने पद से इस्तीफा दे दिया। प्रदर्शनकारियों ने नीट प्रश्नपत्र लीक विवाद को लेकर प्रधान के इस्तीफे की मांग की थी।
नीट विवाद और राजनीतिक दबाव
नीट यूजी 2024 परीक्षा में कथित पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों ने जोरदार प्रदर्शन किया। सुप्रीम कोर्ट में भी इस मामले पर सुनवाई चल रही थी, जिससे सरकार पर दबाव लगातार बढ़ रहा था। विपक्ष ने धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर संसद के दोनों सदनों में हंगामा किया था।
प्रह्लाद जोशी का राजनीतिक प्रोफाइल
प्रह्लाद जोशी कर्नाटक के धारवाड़ से लोकसभा सांसद हैं और प्रधानमंत्री मोदी के विश्वस्त सहयोगियों में गिने जाते हैं। वे पूर्व में कोयला मंत्री, खान मंत्री और संसदीय कार्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। उनकी छवि एक कुशल प्रशासक और संगठनकर्ता की रही है।
शिक्षा मंत्रालय के सामने चुनौतियां
नए शिक्षा मंत्री के सामने सबसे बड़ी चुनौती नीट परीक्षा की विश्वसनीयता बहाल करना होगी। इसके अलावा नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन में तेजी लाना, केंद्रीय विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों को भरना और डिजिटल शिक्षा का विस्तार करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल होगा।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
कांग्रेस ने इस फेरबदल को ‘देर आए दुरुस्त आए’ बताते हुए कहा कि केवल मंत्री बदलने से समस्या हल नहीं होगी, बल्कि नीट की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। वहीं भाजपा ने इसे प्रधानमंत्री मोदी की संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता का परिचायक बताया है।
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार
प्रह्लाद जोशी फिलहाल उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय भी संभाल रहे हैं। दोनों मंत्रालयों का कार्यभार एक साथ संभालना उनके प्रशासनिक कौशल की परीक्षा होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि शिक्षा मंत्रालय की जटिलताओं को देखते हुए उन्हें जल्द ही पूर्णकालिक शिक्षा मंत्री बनाया जा सकता है।
इस नियुक्ति पर शिक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा कि मंत्री जोशी के अनुभव का लाभ मंत्रालय को मिलेगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि नीट विवाद का जल्द समाधान निकाल लिया जाएगा ताकि लाखों छात्रों का भविष्य सुरक्षित रहे।
आगामी संसद सत्र पर नजर
आगामी संसद के मानसून सत्र में शिक्षा मंत्री के तौर पर प्रह्लाद जोशी का पहला इम्तिहान होगा। विपक्ष नीट मुद्दे पर सरकार को घेरने की पूरी तैयारी में है। देखना होगा कि जोशी सदन में विपक्ष के सवालों का कैसे सामना करते हैं और शिक्षा क्षेत्र में सुधार की क्या रूपरेखा पेश करते हैं।

