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    Home » धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के महत्वपूर्ण सुधारों को याद किया जाएगा: गिरिराज सिंह
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    धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल के महत्वपूर्ण सुधारों को याद किया जाएगा: गिरिराज सिंह

    Devanand SinghBy Devanand SinghJuly 25, 2026No Comments3 Mins Read
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    धर्मेंद्र प्रधान
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    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    नई दिल्ली। केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उनके कार्यकाल को देश की शिक्षा व्यवस्था में किए गए कई महत्वपूर्ण सुधारों के लिए याद किया जाएगा।

    गिरिराज सिंह ने कहा कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा व्यवस्था को अधिक आधुनिक और भविष्य उन्मुख बनाने तथा विद्यार्थियों के हित में कई अहम निर्णयों के माध्यम से धर्मेंद्र प्रधान ने देश की शिक्षा प्रणाली को नई दिशा देने का प्रयास किया।

    उन्होंने कहा कि व्यापक हितों को सर्वोपरि रखते हुए धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ने का निर्णय उनके सार्वजनिक जीवन की प्रतिबद्धता और सेवा भावना को दर्शाता है। शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य के लिए उनके योगदान को सदैव सम्मान के साथ याद किया जाएगा।

    केंद्रीय मंत्री ने धर्मेंद्र प्रधान के आगामी सार्वजनिक जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

    धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियां

    धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 को जमीन पर उतारने में अहम भूमिका निभाई। इस नीति का उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुरूप ढालना है। उनके नेतृत्व में पीएम श्री (PM SHRI) योजना की शुरुआत की गई, जिसका लक्ष्य देशभर के 14,500 से अधिक स्कूलों को मॉडल स्कूलों के रूप में विकसित करना है।

    इसके अलावा, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए दीक्षा (DIKSHA) प्लेटफॉर्म, स्वयम (SWAYAM) और ई-पाठशाला जैसी पहलों को मजबूत किया गया। उच्च शिक्षा में सुधार के लिए एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट (ABC) और नेशनल एजुकेशनल एलायंस फॉर टेक्नोलॉजी (NEAT) जैसे प्लेटफॉर्म लॉन्च किए गए।

    कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय का प्रभार भी संभालते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कौशल भारत मिशन को नई गति दी। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) के तहत लाखों युवाओं को प्रशिक्षित किया गया। नई शिक्षा नीति में व्यावसायिक शिक्षा को मुख्यधारा में लाने पर जोर दिया गया है, जिससे छात्रों को रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।

    राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के बारे में अधिक जानकारी के लिए आधिकारिक वेबसाइट देखें।

    गिरिराज सिंह का बयान: एक युग का अंत नहीं, नई शुरुआत

    गिरिराज सिंह ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान का पद छोड़ना किसी असफलता का प्रतीक नहीं, बल्कि व्यापक जनहित में लिया गया एक सैद्धांतिक निर्णय है। उन्होंने कहा कि प्रधान की कार्यशैली हमेशा परिणामोन्मुख रही और उन्होंने मंत्रालय को एक टीम की तरह चलाया।

    राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि धर्मेंद्र प्रधान ने शिक्षा मंत्री के रूप में जो नींव रखी है, उसका असर आने वाले दशकों में दिखाई देगा। NEP-2020 का क्रियान्वयन एक लंबी प्रक्रिया है, और प्रधान ने इसकी मजबूत आधारशिला रखी है।

    आने वाले समय में नए शिक्षा मंत्री के सामने इस गति को बनाए रखने की चुनौती होगी। हालांकि, धर्मेंद्र प्रधान द्वारा शुरू किए गए सुधार अपनी गति से आगे बढ़ते रहेंगे, क्योंकि वे अब संस्थागत ढांचे का हिस्सा बन चुके हैं।

    NEP2020 गिरिराज सिंह राष्ट्रीय खबर
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