Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका: JMM विरोध
    Breaking News Headlines चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची राजनीति राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका: JMM विरोध

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJuly 23, 2026Updated:July 23, 2026No Comments4 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता

    दिल्ली के जंतर-मंतर में NEET पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में जमशेदपुर झामुमो जिला कमेटी और छात्र मोर्चा ने साकची गोल चक्कर के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

    जेएमएम नेता ने कहा कि दिल्ली में छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन था, जिस पर पूर्व नियोजित तरीके से लाठीचार्ज किया गया। यह छात्र विरोधी सरकार है, इसकी हम निंदा करते हैं। हमारी मांग है कि शिक्षा मंत्री जल्द इस्तीफा दें, नहीं तो सड़क से सदन तक उग्र आंदोलन होगा। कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलन पर लाठी, डंडे और आंसू गैस चलाना और महिलाओं के साथ बर्बरता लोकतंत्र का प्रतीक नहीं है। इसके खिलाफ आज पूरे झारखंड में हर जिले में विरोध प्रदर्शन किया गया है।

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका: विरोध का कारण

    NEET (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) पेपर लीक मामले ने पूरे देश के छात्रों और अभिभावकों में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है। परीक्षा की शुचिता पर सवाल उठने के बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हजारों छात्र शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन कर रहे थे। आरोप है कि पुलिस ने बिना किसी उकसावे के प्रदर्शनकारियों पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया, जिसमें कई छात्र घायल हुए और कई महिला प्रदर्शनकारियों के साथ अभद्रता की गई। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देशभर में तीखी प्रतिक्रिया हुई। NEET परीक्षा की विश्वसनीयता पहले से ही संदेह के घेरे में थी, और इस लाठीचार्ज ने आग में घी का काम किया।

    जमशेदपुर में प्रदर्शन का विवरण

    झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) की जिला इकाई और छात्र मोर्चा ने साकची गोल चक्कर पर विशाल विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और उनकी तत्काल बर्खास्तगी की मांग की। जिला अध्यक्ष ने अपने संबोधन में कहा कि यह सरकार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। पेपर लीक की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराने और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग भी रखी गई।

    झारखंडव्यापी विरोध और आगे की रणनीति

    झामुमो के आह्वान पर आज रांची, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग समेत झारखंड के सभी 24 जिलों में एक साथ विरोध प्रदर्शन किए गए। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं दिया तो आंदोलन को सड़क से सदन तक ले जाया जाएगा। विधानसभा के आगामी सत्र में भी इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाने की तैयारी है। पार्टी ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच कराने और घायल छात्रों को मुआवजा देने की मांग भी केंद्र सरकार के समक्ष रखी है। [INTERNAL_LINK_HOLDER]

    इस घटना ने एक बार फिर शिक्षा व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार और युवाओं की आवाज दबाने की कोशिश को उजागर किया है। झामुमो समेत तमाम विपक्षी दल इसे लोकतंत्र की हत्या करार दे रहे हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन और तेज होने के आसार हैं।

    इस प्रदर्शन ने न केवल NEET पेपर लीक की गंभीरता को उजागर किया है, बल्कि युवाओं के भविष्य के प्रति सरकार की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े किए हैं। झामुमो सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने साफ संकेत दिया है कि यदि शिक्षा मंत्री ने नैतिक जिम्मेदारी नहीं ली तो आंदोलन आने वाले दिनों में और अधिक व्यापक रूप ले सकता है। छात्रों और अभिभावकों का आक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा, और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच की मांग दिन-ब-दिन तेज होती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के आंदोलन शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने के लिए आवश्यक हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजमशेदपुर में पेपर लीक विरोध प्रदर्शन, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग
    Next Article पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन

    Related Posts

    बागबेड़ा डीबी रोड पर भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित अर्टिगा दुकान में घुसी, 5 घायल, एक की हालत गंभीर

    July 23, 2026

    नीट पेपर लीक के विरोध में जहानाबाद में छात्रों का उग्र प्रदर्शन

    July 23, 2026

    रांची में कांग्रेस का आदित्य साहू सहित 15 नामजद पर FIR

    July 23, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बागबेड़ा डीबी रोड पर भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित अर्टिगा दुकान में घुसी, 5 घायल, एक की हालत गंभीर

    नीट पेपर लीक के विरोध में जहानाबाद में छात्रों का उग्र प्रदर्शन

    रांची में कांग्रेस का आदित्य साहू सहित 15 नामजद पर FIR

    बीजेपी कार्यालय के घेराव के दौरान हुई पत्थरबाजी, झड़प के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रशासन और कांग्रेस नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप.

    सीतारामडेरा में 18 चक्का ट्रेलर पलटा, बाइक सवार को बचाने के दौरान टला बड़ा हादसा

    बाराद्वारी में बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, ₹5.5 लाख की नकदी और जेवरात लेकर फरार

    पलामू में अवैध अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

    धनबाद पुलिस ने प्रिंस खान गिरोह के दो गुर्गे गिरफ्तार किए

    पेपर लीक के विरोध में कांग्रेस का प्रदर्शन, राष्ट्रपति को ज्ञापन

    केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका: JMM विरोध

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.