Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » सरकार की नीति एक ओर, गम्हरिया की हकीकत दूसरी
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    सरकार की नीति एक ओर, गम्हरिया की हकीकत दूसरी

    Aman OjhaBy Aman OjhaJuly 15, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    21 पंचायतों वाले प्रखंड में एक साल से बीडीओ नहीं, विकास कार्यों पर उठे सवाल

     

    राष्ट्र संवाद संवाददाता मृत्युंजय बर्मन

     

    राज्य सरकार ने हाल ही में यह नीति स्पष्ट की है कि 12 से अधिक पंचायतों वाले प्रखंडों में प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) और अंचल अधिकारी (सीओ) की अलग-अलग पदस्थापना की जाएगी। लेकिन सरायकेला-खरसावां जिले का औद्योगिक एवं अत्यंत महत्वपूर्ण गम्हरिया प्रखंड इस नीति के बावजूद पिछले लगभग एक वर्ष से नियमित बीडीओ के बिना संचालित हो रहा है।

     

    भाजपा नेत्री रश्मि भेंगरा ने इसे सरकार की घोषित नीति और जमीनी हकीकत के बीच बड़ा विरोधाभास बताया है। उनका कहना है कि गम्हरिया के अंतिम नियमित बीडीओ का स्थानांतरण 16 अगस्त 2025 को हो गया था। इसके बाद से आज तक किसी अधिकारी की नियमित पदस्थापना नहीं की गई और अंचल अधिकारी ही अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं।

     

    रश्मि ने बताया कि गम्हरिया प्रखंड में 21 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें 8 पंचायतें प्रशासनिक रूप से गम्हरिया प्रखंड में हैं, जबकि उनका राजस्व क्षेत्र सरायकेला अंचल के अधीन आता है। इसके अलावा आदित्यपुर नगर निगम के 35 वार्डों से जुड़े विकास एवं समन्वय कार्यों की जिम्मेदारी भी इसी प्रखंड प्रशासन पर है। दो लाख से अधिक आबादी और औद्योगिक गतिविधियों के कारण यह जिला का सबसे अधिक कार्यभार वाला प्रखंड माना जाता है।

     

    उन्होंने आरोप लगाया कि नियमित बीडीओ के अभाव में पंचायतों की विकास योजनाओं की स्वीकृति, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, ग्रामसभा से जुड़े कार्य तथा अन्य विकास कार्यक्रमों की निगरानी प्रभावित हो रही है। वहीं अंचल अधिकारी पहले से ही भूमि, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण और राजस्व संबंधी मामलों में व्यस्त रहते हैं।

     

    रश्मि भेंगरा ने उपायुक्त के माध्यम से राज्य सरकार से गम्हरिया में तत्काल नियमित बीडीओ की नियुक्ति की मांग की है। उनका कहना है कि यह केवल एक प्रशासनिक पद भरने का मामला नहीं, बल्कि औद्योगिक क्षेत्र और दो लाख से अधिक आबादी के विकास से जुड़ा विषय है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबिरसानगर थाना में शांति समिति की बैठक, कम्युनिटी पुलिसिंग के तहत पुलिस-जन संवाद पर जोर
    Next Article दंगा-रोधी मॉक ड्रिल में परखी गई जमशेदपुर पुलिस की तैयारी गोलमुरी पुलिस केंद्र में भीड़ नियंत्रण व आपात स्थिति से निपटने का किया गया अभ्यास

    Related Posts

    स्वर्णरेखा-खरकाई उफान पर, जमशेदपुर के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा

    September 1, 2026

    अमलगम स्टील की भूमि व लीज व्यवस्था की उच्चस्तरीय जांच की मांग

    August 31, 2026

    गुड़ाबांधा में बालू के अवैध कारोबार का आरोप, घाट से 100 मीटर पर बना स्टॉक यार्ड

    August 31, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    बीईएमएल में 1346 अप्रेंटिस पदों पर भर्ती का मौका फ्रेशर्स भी कर सकेंगे आवेदन

    बिना चाशनी और मावे के झंझट के 15 मिनट में तैयार करें सिंघाड़े के आटे की स्वादिष्ट बर्फी

    चोट से जूझने के बाद फिर काम पर लौटेंगी रश्मिका मंदाना, घर की सुकून भरी दुनिया को कहा अलविदा

    सुप्रीम कोर्ट ने सीजेपी के 5 सितंबर मार्च पर रोक लगाने से किया इनकार, कहा- कानून व्यवस्था बनाएं रखेें

    हरियाणा : एक्सप्रेस-वे पर दर्दनाक हादसा, खड़े ट्रक में घुसी श्रद्धालुओं से भरी पिकअप, 6 की मौत, 14 घायल

    अर्थव्यवस्था की तूफानी रफ्तार जारी, अप्रैल-जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत रही भारत की विकास दर

    एवरेस्ट के मसालों पर लगा बैन, एफएसएसएआई की जांच में सामने आई चौंकाने वाली बात, जानें क्या है पूरा मामला

    बिहार में न्यायिक अधिकारियों की सेवानिवृत्ति आयु 62 साल करने का रास्ता साफ, पटना हाईकोर्ट ने लिया बड़ा फैसला

    कई आपराधिक मामले दर्ज होना शहर-निकाले का आधार नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ का आदेश रद्द किया

    असम में दर्दनाक हादसा : डिवाइडर पार कर ट्रक से टकराई कार, 6 की मौत, कई घायल, 2 की हालत नाजुक

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.