लेखक: राष्ट्र संवाद संवाददाता
आईडीटीआर जमशेदपुर में शॉट टर्म स्कील्ड डेवलपमेंट का निःशुल्क आवासीय कार्यक्रम आगामी 16 अगस्त से शुरू किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण पहल है जो स्थानीय युवाओं के भविष्य को उज्ज्वल बनाने की दिशा में उठाया गया है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य युवाओं को आवश्यक कौशल से लैस करना और उन्हें रोजगार के अवसर प्रदान करना है। आज के प्रतिस्पर्धी दौर में कौशल विकास की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है, और ऐसे कार्यक्रम सीधे तौर पर युवाओं की रोजगार क्षमता में वृद्धि करते हैं।
आईडीटीआर में शॉट टर्म स्कील्ड डेवलपमेंट की रूपरेखा
संस्थान में टीआरसीएससी एवं आईडीटीआर के प्लानिंग बैठक के दौरान महाप्रबंधक रविन्द्र कुमार ने इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। ऐसी रणनीतिक बैठकें ही भविष्य की योजनाओं को सफल बनाने की नींव रखती हैं, और इस बार का फोकस सीधे तौर पर समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों पर है।
उन्होंने बताया कि गार्डेन रीच शीप बिल्डर्स एवं इंजीनियर्स (जीआरएसई) तथा टेक्नोलॉजी रिसोर्स कम्युनिकेशन एंड सर्विस सेंटर (टीआरसीएससी) के बीच एक ऐतिहासिक एमओयू (समझौता ज्ञापन) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस एमओयू के तहत समाज के युवाओं के बीच आवश्यक प्रशिक्षण प्रदान कर उनके कौशल स्तर को उठाना है। यह साझेदारी सार्वजनिक और निजी क्षेत्र के सहयोग का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है, जिसका सीधा लाभ हजारों युवाओं को मिलेगा। कौशल विकास के क्षेत्र में ऐसे सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं।
इसके लिए दोनों संस्थाओं ने शॉट टर्म स्कील्ड डेवलपमेंट ट्रेनिंग कार्यक्रम की शुरुआत की है जिसका लॉन्चिंग आगामी 16 अगस्त को होगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम दो से तीन माह की अवधि का है, जिसे विशेष रूप से रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। आईडीटीआर इस कार्यक्रम का ट्रेनिंग पार्टनर है, जो प्रशिक्षण के उच्चतम मानकों को सुनिश्चित करेगा। यह भागीदारी सुनिश्चित करती है कि प्रशिक्षण आधुनिक उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप होगा।
जीएम ने आगे कहा कि दो से तीन माह के इस ट्रेनिंग कार्यक्रम के बाद जीआरएसई में ही प्रशिक्षुओं का प्लेसमेंट एल एंड टी कंपनी के माध्यम से हो जाएगा। यह इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी विशेषता है कि यह सिर्फ प्रशिक्षण नहीं, बल्कि सुनिश्चित रोजगार का वादा करता है। एल एंड टी जैसी प्रतिष्ठित कंपनी में प्लेसमेंट मिलना युवाओं के लिए एक शानदार अवसर होगा, जो उनके करियर को एक मजबूत शुरुआत देगा। यह मॉडल देश में कौशल विकास कार्यक्रमों के लिए एक आदर्श स्थापित करता है।
पात्रता, मोबिलाइजेशन और लाभ
इस मौके पर उपस्थित टीआरसीएससी के सचिव मानस कुमार दास ने कहा कि शीघ्र ही इस कार्यक्रम के लिए प्रशिक्षुओं के मोबिलाइजेशन का काम प्रारंभ हो जाएगा। मोबिलाइजेशन प्रक्रिया में देशभर के योग्य उम्मीदवारों तक पहुंच बनाना शामिल है, खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों से। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सही और जरूरतमंद युवाओं को इस सुनहरे अवसर के बारे में पता चले और वे इसका लाभ उठा सकें।
इस कार्यक्रम में दसवीं पास सभी वर्ग के वैसे प्रशिक्षु भाग ले सकेंगे जिनकी आयु 20 वर्ष से 28 वर्ष के बीच होगी। यह आयु और शैक्षणिक योग्यता मानदंड यह सुनिश्चित करते हैं कि युवा आबादी का एक बड़ा हिस्सा इस कार्यक्रम में शामिल हो सके। चूंकि यह एक निःशुल्क आवासीय कार्यक्रम है, यह उन युवाओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद है जो वित्तीय बाधाओं के कारण प्रशिक्षण प्राप्त करने में असमर्थ रहे हैं। यह सामाजिक समावेशन का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है।
इस मौके पर उपस्थित आईडीटीआर के एचओडी मार्केटिंग एंड एडमीन अंजन कुंडु ने मोबिलाइजेशन टीम को पंचायत लेवल से मोबिलाइजेशन कार्यक्रम की शुरुआत करने को कही। इस रणनीति का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के हर कोने में छिपी प्रतिभाओं को मंच मिले। भारत सरकार भी कौशल विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसके बारे में अधिक जानकारी कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है। ऐसे जमीनी स्तर के प्रयास ही वास्तविक परिवर्तन लाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम को लेकर ज्यादा से ज्यादा युवाओं के बीच जाने की आवश्यकता है ताकि युवा इस कार्यक्रम का लाभ उठाते हुए कार्यक्रम के मकसद को पूरा कर सकें। इस कार्यक्रम का अंतिम लक्ष्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि युवाओं को एक स्थायी और गरिमापूर्ण आजीविका प्रदान करना है। कौशल भारत मिशन जैसे राष्ट्रीय अभियानों के अनुरूप, यह पहल राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देगी।
इस मौके पर संस्थान के अभियंता ज्योति रजक, मीडिया प्रभारी सह कार्यक्रम के को-ऑर्डिनेटर पंकज कुमार, टीआरसीएससी के सलाहकार अवतार सिंह समेत संस्था के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इन सभी ने कार्यक्रम की सफलता के प्रति अपनी गहरी प्रतिबद्धता व्यक्त की और उपस्थित लोगों को आश्वस्त किया कि यह कार्यक्रम युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा।

