खस्सी’ बोलकर खिला रहा था ‘मुर्गा का मीट निकाह के बाद भोज में बाराती और शराती भिड़े, आधा दर्जन से अधिक घायल।
राष्ट्र संवाद संवादाता
शादी-ब्याह के भोज में अक्सर छोटी-मोटी बातों पर अनबन की खबरें आती हैं, लेकिन सिमरी बख्तियारपुर में एक अनोखा और है रान करने वाला मामला सामने आया है।यहाँ निकाह के बाद भोज में ‘खस्सी’ (मटन) की जगह ‘मुर्गा’ (चिकन) परोसे जाने को लेकर ऐसा विवाद बढ़ा कि बाराती और शराती आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते खुशियों का माहौल हंगामे और मारपीट में बदल गया।इस हिंसक झड़प में दूल्हा पक्ष के आधा दर्जन से अधिक लोग जख्मी हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अनुमंडलीय अस्पताल सिमरी बख्तियारपुर में भर्ती कराया गया है।जानकारी के अनुसार सिमरी बख्तियारपुर नगर परिषद के वार्ड नंबर 12, बलवापार के रहने वाले मो0 अनवर के पुत्र मो. अब्दुल्ला उर्फ चांद का निकाह महिषी प्रखंड के राजनपुर निवासी मो. जावेद उर्फ मोटो की पुत्री से तय हुआ था। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे निकाह की रस्में बेहद शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुईं।
असली ड्रामा तब शुरू हुआ जब निकाह के बाद सभी बाराती खाना खाने के लिए टेबल पर बैठ गए। दूल्हा पक्ष का आरोप है कि उन्हें शादी के मेन्यू में ‘खस्सी’ का मांस खिलाने की बात कही गई थी, लेकिन जब थाली सामने आई तो उसमें ‘मुर्गा’ परोसा जा रहा था। इसी बात को लेकर मेहमानों और मेजबानों के बीच बहस शुरू हो गई।खाने के मेन्यू को लेकर शुरू हुई तू-तू, मैं-मैं देखते ही देखते मारपीट में तब्दील हो गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर लात-घूंसे और तलवार व लाठी-डंडा चलने लगा।इस मारपीट में दूल्हे की तरफ से बाराती आए कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में मो. आशिक, मो. इरफान, मो. हसन, मो. अब्बास, मो. जब्बार, मो. आतिफ और मो. महबूब सहित अन्य लोग शामिल हैं। ये सभी बलवापार वार्ड नंबर 12 के निवासी है

