गिरिडीह पुणे से रहस्यमय ढंग से लापता हुआ डुमरी का प्रवासी मजदूर, परिवार ने सरकार से लगाई खोजबीन की गुहार
राष्ट्र संवाद संवादाता
गिरिडीह: झारखंड के गिरिडीह जिले के डुमरी थाना क्षेत्र के कुलगो गांव का एक प्रवासी मजदूर महाराष्ट्र के पुणे से रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया है। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिवार को आशंका है कि उनके बेटे के साथ कोई अप्रिय घटना हुई है। वहीं, प्रवासी मजदूरों के हित में काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली ने भी मामले को गंभीर बताते हुए झारखंड सरकार से युवक की शीघ्र तलाश कराने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, कुलगो निवासी गिरधारी सिंह का 20 वर्षीय पुत्र कृष्णा सिंह उर्फ बंटी गत 29 मार्च 2026 को अपने चाचा मेघवाल सिंह के साथ रोजगार की तलाश में महाराष्ट्र के पुणे गया था। वहां वह काठवाड़ी क्षेत्र में निर्माणाधीन रिंग रोड परियोजना में आरवीआर कंपनी के तहत मजदूरी का काम कर रहा था। परिवार के अनुसार, कृष्णा बीते 6 जुलाई को पुणे स्टेशन से घर लौटने के लिए निकला था। उसने फोन कर अपने परिजनों को बताया था कि वह घर वापस आ रहा है। लेकिन इसके कुछ ही समय बाद उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। तब से उसका कोई पता नहीं चल पाया है।
परिजनों ने बताया कि लगातार मोबाइल बंद आने और किसी प्रकार का संपर्क नहीं होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। उन्होंने अपने स्तर से रिश्तेदारों और परिचितों के माध्यम से खोजबीन की, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिली। परिवार को डर है कि कहीं कृष्णा किसी दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना का शिकार तो नहीं हो गया।
कृष्णा के माता-पिता का कहना है कि उनका बेटा परिवार का सहारा था। उसकी कमाई से ही घर का खर्च चलता था। उसके लापता होने के बाद परिवार आर्थिक और मानसिक दोनों तरह के संकट से गुजर रहा है। माता-पिता हर दिन बेटे के सकुशल लौटने की उम्मीद में दरवाजे की ओर टकटकी लगाए बैठे रहते हैं। उन्होंने केंद्र और झारखंड सरकार से बेटे की जल्द से जल्द खोजबीन कराने की अपील की है।
मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रवासी मजदूरों के अधिकारों के लिए कार्य करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता सिकंदर अली कुलगो गांव पहुंचे और पीड़ित परिवार से मुलाकात की। उन्होंने परिजनों को हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाते हुए कहा कि लापता युवक का पता लगाने के लिए संबंधित विभागों और प्रशासन से लगातार संपर्क किया जाएगा।
सिकंदर अली ने कहा कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों से रोजगार की तलाश में बड़ी संख्या में युवा दूसरे राज्यों में पलायन कर रहे हैं। कई बार ऐसे मजदूर दुर्घटनाओं, शोषण और लापता होने जैसी घटनाओं का शिकार हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरे राज्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।
उन्होंने सरकार से मांग की कि महाराष्ट्र पुलिस, रेलवे पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित कर कृष्णा सिंह की जल्द तलाश कराई जाए। साथ ही उन्होंने राज्य सरकार से झारखंड में स्थानीय स्तर पर रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की भी मांग की, ताकि युवाओं को मजबूरी में दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।
फिलहाल कृष्णा सिंह के लापता होने से पूरे कुलगो गांव में चिंता और बेचैनी का माहौल है। ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए शीघ्र कार्रवाई करने और युवक को सकुशल खोज निकालने की मांग की है।

