नई दिल्ली: देश की राजधानी में महिला सशक्तीकरण और उद्यमिता को समर्पित एक भव्य और प्रेरणादायी कार्यक्रम ‘श्री उत्सव महिला स्वावलंबन‘ हाल ही में संपन्न हुआ। अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के निर्देशन में तेरापंथ महिला मंडल, दिल्ली पश्चिम द्वारा जे.पी. सिद्धार्थ होटल, राजेंद्र नगर, नई दिल्ली में आयोजित यह पहल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उनके सपनों को नई उड़ान देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई। कार्यक्रम का शुभारंभ अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सुमन नाहटा ने रिबन काटकर किया, जिसने दिल्ली की महिलाओं में उत्साह और जोश भर दिया।
जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तब राष्ट्र सशक्त होता है: बांसुरी स्वराज
इस गरिमामय आयोजन में मुख्य अतिथि के रूप में केएलजे ग्रुप ऑफ इंडस्ट्रीज के चेयरमैन श्री कन्हैयालाल पटावरी तथा विशिष्ट अतिथियों के रूप में सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज (लोकसभा), श्री हरीश खुराना (सदस्य, दिल्ली विधानसभा), श्री विरेंद्र बब्बर (डायरेक्टर एवं प्रेसिडेंट, करोल बाग), श्री राम अवतार किला (संस्थापक अध्यक्ष, राजस्थान फाउंडेशन, दिल्ली) तथा सुखी परिवार फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री ललित गर्ग की उपस्थिति ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। अपने संबोधन में, सांसद सुश्री बांसुरी स्वराज ने एक महत्वपूर्ण बात कही, “महिलाओं को अवसर देना मात्र सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। ‘श्री उत्सव’ जैसे आयोजन महिलाओं के आत्मविश्वास, प्रतिभा और आर्थिक स्वावलंबन को नई दिशा देते हैं। जब महिलाएं आत्मनिर्भर बनती हैं, तब परिवार सशक्त होता है, समाज प्रगतिशील बनता है और राष्ट्र नई ऊंचाइयों को प्राप्त करता है। यह मंच महिलाओं की क्षमता को पहचान दिलाने और उनके सपनों को उड़ान देने का स्वर्णिम अवसर है।” उनके इन शब्दों ने उपस्थित सभी लोगों में एक नई ऊर्जा का संचार किया।
आत्मनिर्भरता की ओर ‘श्री उत्सव महिला स्वावलंबन’
तेरापंथ महिला मंडल, दिल्ली पश्चिम की अध्यक्षा श्रीमती चंदा डूंगरवाल एवं मंत्री श्रीमती मनीषा जैन ने सभी मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल की संरक्षिकाएं श्रीमती सायर बैंगाणी, श्रीमती पुष्पा बैंगाणी, सहमंत्री श्रीमती अर्चना भंडारी, दिल्ली-यू.पी. प्रभारी श्रीमती सुनीता जैन, कार्यकारिणी सदस्याएं श्रीमती प्रीति घोषल, श्रीमती सुनीता डूंगरवाल, श्रीमती राजुल मनोत, श्रीमती मंजू भुतोड़िया, श्रीमती समता भुतोड़िया, श्रीमती संस्कृति भंडारी एवं श्रीमती चंदना बराड़िया सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली के अध्यक्ष श्री विमल बैंगाणी अपनी टीम के साथ कार्यक्रम में शामिल हुए। दिल्ली के चारों महिला मंडलों की अध्यक्षा एवं मंत्रीगण तथा विभिन्न क्षेत्रीय सभाओं के पदाधिकारियों की उपस्थिति ने आयोजन की गरिमा को और बढ़ाया। यह देखकर वाकई खुशी हुई कि कैसे समाज के विभिन्न वर्ग महिलाओं के उत्थान के लिए एक मंच पर एकत्र हुए।
राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सुमन नाहटा ने अपने उद्बोधन में आयोजन की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए कहा कि ऐसे उपक्रम महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर सिद्ध होंगे। उन्होंने अपनी टीम के साथ संपूर्ण प्रदर्शनी का अवलोकन किया। ‘श्री उत्सव’ का प्रमुख उद्देश्य महिलाओं को स्वावलंबन की दिशा में प्रेरित करना, उनके हुनर को पहचान दिलाना तथा महिला उद्यमियों को अपने व्यवसाय के विस्तार हेतु एक सशक्त मंच उपलब्ध कराना था। यहां तक कि कई महिलाएं जो पहले अपने हुनर को सिर्फ घर तक सीमित रखती थीं, उन्हें इस मंच से एक नई पहचान मिली।
33 स्टॉलों पर दिखा महिला उद्यमियों का हुनर
प्रदर्शनी में महिला उद्यमियों द्वारा लगाए गए 33 आकर्षक स्टॉलों पर हस्तनिर्मित वस्तुएं, परिधान, गृह सज्जा सामग्री, खाद्य उत्पाद एवं अन्य उपयोगी वस्तुओं का अद्भुत प्रदर्शन किया गया। हर स्टॉल पर एक नई कहानी, एक नया सपना और एक नई उम्मीद झलक रही थी। महिलाओं के हाथों से बनी इन वस्तुओं में उनकी मेहनत और लगन साफ दिखाई दे रही थी। इस अवसर पर अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं सेवा-परियोजनाओं की जानकारी अध्यक्षा चंदा डूंगरवाल एवं मंत्री मनीषा जैन ने विस्तारपूर्वक दी। सभी अतिथियों ने महिला मंडल के सेवा, संगठन और स्वावलंबन के प्रयासों की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए भविष्य में हरसंभव सहयोग एवं मार्गदर्शन देने का आश्वासन दिया। यह दिखाता है कि कैसे छोटे-छोटे प्रयास बड़े बदलाव की नींव रख सकते हैं।
प्रदर्शनी में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों में से श्रीमती समता जी, श्रीमती ममता कोठारी एवं श्रीमती सुमन बेगवानी के स्टॉल को ‘सर्वश्रेष्ठ स्टॉल’ के रूप में विशेष सराहना प्राप्त हुई। यह उनके अद्वितीय कौशल और समर्पण का प्रमाण था। कार्यक्रम की संयोजिकाएं श्रीमती चंदना बराड़िया, श्रीमती मधु रांका, श्रीमती सुमन बैंगवानी एवं श्रीमती भावना नाहटा तथा सह-संयोजिकाएं श्रीमती रचना सुराणा, श्रीमती उर्मिला मेहता, श्रीमती सरोज फुलफगर एवं श्रीमती पूजा सिंघी रहीं। कार्यक्रम के प्रायोजकों में श्रीमती किरण देवी एवं श्रीमती रितु डूंगरवाल का विशेष सहयोग रहा।
नारी शक्ति का सम्मान और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम
प्रदर्शनी में सहभागिता करने वाले सभी स्टॉलधारकों (एक्जिबिटर्स) को आचार्य श्री महाश्रमण दिल्ली प्रवास समिति के अध्यक्ष श्री के. एल. जैन द्वारा ट्रॉफी प्रदान कर सम्मानित किया गया। यह सम्मान महिला उद्यमियों के उत्साह, परिश्रम और रचनात्मकता के सशक्त संदेश के साथ संपन्न हुआ। ‘श्री उत्सव’ केवल एक प्रदर्शनी नहीं, बल्कि नारी शक्ति के जागरण और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल बनकर उभरा। यह दिल्ली में आयोजित ‘श्री उत्सव महिला स्वावलंबन’ कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि सही मंच और अवसर मिलने पर महिलाएं किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में अग्रिम भूमिका निभाती हैं।
