जमशेदपुर डीडी बार हत्याकांड में प्रशासन का बड़ा एक्शन: बार सील, बिष्टुपुर थाना प्रभारी सस्पेंड; भाजपा नेता नीरज सिंह पर भी उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवादाता
डीसी राजीव रंजन के निर्देश पर डबल डाउन बार सील, जांच के आदेश; कांग्रेस ने भाजपा नेता नीरज सिंह की भूमिका पर उठाए सवाल, राजनीतिक कार्रवाई की भी मांग तेज
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। बिष्टुपुर स्थित डबल डाउन (डीडी) बार के बाहर करणी सेना के युवा जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह की हत्या के मामले में जिला प्रशासन ने बड़ा एक्शन लेते हुए डबल डाउन बार को सील कर दिया है। उपायुक्त राजीव रंजन के निर्देश पर मंगलवार को उत्पाद विभाग की टीम ने बार पहुंचकर सीलिंग की कार्रवाई पूरी की। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
इस मामले में पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने के बाद एसएसपी पीयूष पांडे ने बिष्टुपुर थाना प्रभारी आलोक कुमार दुबे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके साथ थाने के दो एएसआई और एक आरक्षी को भी सस्पेंड किया गया है। वहीं, बर्मामाइंस थाना प्रभारी निरंजन कुमार को बिष्टुपुर थाने का नया प्रभारी बनाया गया है।
बताया जाता है कि शनिवार देर रात डबल डाउन बार में दो पक्षों के बीच विवाद हुआ, जो बार के बाहर निकलने के बाद हिंसक हो गया। आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में ही हिमांशु सिंह और प्रत्यूष नामक युवक पर चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला किया गया। दोनों को गंभीर हालत में टाटा मेन हॉस्पिटल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान हिमांशु सिंह की मौत हो गई, जबकि प्रत्यूष का इलाज जारी है।
घटना के बाद शहर में आक्रोश फैल गया। सोमवार रात बड़ी संख्या में लोग बिष्टुपुर की सड़कों पर उतर आए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस दौरान पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आईं।
हिमांशु सिंह के परिजनों ने अभी तक पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया है। उनका कहना है कि जब तक दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी, तब तक पोस्टमार्टम नहीं कराया जाएगा। फिलहाल शव टीएमएच के शवगृह में रखा गया है।
इधर, डबल डाउन बार के भाजपा नेता नीरज सिंह से जुड़े होने की चर्चा के बीच इस मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस ने नीरज सिंह की भूमिका और बार के संचालन को लेकर सवाल उठाए हैं तथा भाजपा से उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। वहीं, शहर में यह चर्चा भी तेज है कि प्रशासनिक कार्रवाई के बाद क्या भाजपा संगठन भी इस पूरे प्रकरण में कोई निर्णय लेगा।
हालांकि, इस संबंध में भाजपा की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई की घोषणा नहीं की गई है। दूसरी ओर, जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करणी सेना और स्थानीय लोगों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी तथा दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग करते हुए प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। पूरे घटनाक्रम पर शहर की नजरें टिकी हुई हैं।

