भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले को लेकर देशभर में बढ़ा विरोध, कार्रवाई की मांग तेज
राष्ट्र संवाद संवादाता
बिहार के भोजपुर जिले के बिलौटी गांव निवासी युवा समाजसेवी भरत भूषण तिवारी के कथित एनकाउंटर का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना को लेकर बिहार सहित देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भरत भूषण तिवारी ने आत्मसमर्पण कर दिया था, इसके बावजूद पुलिस ने मुठभेड़ का दावा करते हुए उनकी हत्या कर दी। हालांकि, इस संबंध में प्रशासन की ओर से अलग दावा किया गया है।
विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि पिछले वर्ष जवनिया गांव गंगा नदी की बाढ़ में पूरी तरह प्रभावित हो गया था। विस्थापित ग्रामीणों के पुनर्वास के लिए जिस स्थान का चयन किया गया था, वह काफी नीचा और ढालान वाला क्षेत्र था। आरोप है कि भरत भूषण तिवारी लगातार प्रशासन से मांग कर रहे थे कि पुनर्वास स्थल को मिट्टी भरकर ऊंचा किया जाए ताकि ग्रामीण सुरक्षित तरीके से बस सकें, लेकिन उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया।
प्रदर्शनकारियों का यह भी दावा है कि भरत भूषण तिवारी पर पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था और उनकी मौत की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। विभिन्न संगठनों और स्थानीय लोगों ने मामले की न्यायिक जांच कराने तथा घटना में शामिल अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग उठाई है।
विरोध कर रहे लोगों ने कहा कि बिहार में किसी भी प्रकार के जातिगत भेदभाव या पक्षपात की राजनीति नहीं होनी चाहिए और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए। वहीं, प्रशासन की ओर से अभी तक मामले में आधिकारिक जांच प्रक्रिया जारी रहने की बात कही जा रही है।

