राष्ट्र संवाद संवाददाता
कोल्हान में अवैध रूप से चल रही यात्री बसों का मामला अब प्रधानमंत्री कार्यालय तक पहुंच गया है। कोल्हान अवाम अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष व आरटीआई एक्टिविस्ट सिर्मा देवगम ने पीएमओ को पत्र लिखकर तीन बसों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
कौन सी बसें हैं रडार पर
पत्र में जिन बसों का जिक्र है, उनके नंबर हैं- JH05DX6962, JH05DF2677 और JH05D6937। ये बसें प्रतिदिन टाटा से हाता, हरिना होते हुए डुमरिया व अन्य रूटों पर संचालित हो रही हैं।
*तीन बड़े उल्लंघन*
सिर्मा देवगम के मुताबिक इन तीनों बसों का:
1. *रोड परमिट समाप्त* हो चुका है
2. *इंश्योरेंस फेल* है
3. *फिटनेस सर्टिफिकेट एक्सपायर* है
DTO को सूचना, फिर भी कार्रवाई नहीं
देवगम का आरोप है कि जिला परिवहन पदाधिकारी, जमशेदपुर को इस संबंध में लिखित व मौखिक दोनों तरह से सूचना दी गई। बावजूद इसके आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। पत्र में विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से भ्रष्टाचार की आशंका भी जताई गई है।
यात्रियों की जान से खिलवाड़
बिना इंश्योरेंस के बस चलना सीधे तौर पर यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ है। यदि इन बसों से कोई दुर्घटना होती है तो पीड़ित परिवार को बीमा कंपनी से एक रुपया मुआवजा नहीं मिलेगा। सारा भार चालक-मालिक पर आएगा, जिनसे वसूली मुश्किल होती है।
सरकार को रोजाना चूना
परमिट और टैक्स फेल होने की वजह से सरकार को प्रतिदिन हजारों रुपये की राजस्व हानि हो रही है। एक अनुमान के मुताबिक सिर्फ इन तीन बसों से ही महीने में लाखों का नुकसान हो रहा है।
कौन सी धाराओं का उल्लंघन
यह कृत्य मोटर वाहन अधिनियम 1988 की धारा 192A – बिना परमिट वाहन चलाना, धारा 196 – बिना बीमा वाहन चलाना और धारा 207 – अवैध वाहनों को जब्त करने के प्रावधान का स्पष्ट उल्लंघन है।
PMO से क्या मांग
पत्र में सिर्मा देवगम ने चार प्रमुख मांगें रखी हैं:
1. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय से पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराई जाए
2. दोषी अधिकारियों पर कठोर प्रशासनिक कार्रवाई हो
3. तीनों बसों को तत्काल जब्त कर MV Act के तहत केस दर्ज किया जाए
4. झारखंड के मुख्य सचिव को पूरे राज्य में ऐसे अवैध वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया जाए
क्या कहते हैं नियम
मोटर वाहन अधिनियम के तहत बिना फिटनेस और बीमा के कमर्शियल वाहन चलाने पर 10 हजार तक जुर्माना और वाहन जब्ती का प्रावधान है बार बार गलती करने पर जेल भी हो सकती हे।

