यह संघ कार्यालय पर नहीं, राष्ट्रवादी विचार पर हमला है’ – अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड
राष्ट्र संवाद संवादाता
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड ने हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के एक कार्यालय पर हुए हमले की कड़ी निंदा करते हुए इसे केवल एक भवन या कार्यालय पर हमला नहीं, बल्कि राष्ट्रवादी विचारधारा पर आघात बताया है।परिषद के पदाधिकारियों ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं,
किंतु हिंसा और तोड़फोड़ किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि संघ समाज सेवा, राष्ट्र निर्माण और सांस्कृतिक जागरण के कार्यों में लंबे समय से संलग्न रहा है, इसलिए उसके कार्यालय पर हमला समाज में वैमनस्य फैलाने का प्रयास प्रतीत होता है।
परिषद के प्रतिनिधियों ने कहा, “यह केवल संघ कार्यालय पर हमला नहीं है, बल्कि उन राष्ट्रवादी मूल्यों पर हमला है, जिनके लिए लाखों स्वयंसेवक समर्पित भाव से कार्य करते हैं।” उन्होंने दोषियों की शीघ्र पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की।
अखिल भारतीय पूर्व सैनिक सेवा परिषद, झारखंड ने राज्य सरकार और प्रशासन से कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने का आग्रह किया। परिषद ने कहा कि हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है और लोकतांत्रिक समाज में संवाद तथा संवैधानिक प्रक्रियाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।पूर्व सैनिकों ने देशवासियों से शांति, सामाजिक सौहार्द और राष्ट्रीय एकता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की उग्रता या हिंसक गतिविधि राष्ट्रहित के विरुद्ध है। परिषद ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रशासन निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के अनुसार दंडित करेगा।
परिषद के अनुसार, देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा प्रत्येक नागरिक का दायित्व है और किसी भी संगठन या विचारधारा के विरुद्ध हिंसक कार्रवाई का लोकतांत्रिक समाज में कोई स्थान नहीं होना चाहिए।

