राष्ट्र संवाद संवाददाता
पूर्वी सिंहभूम के राखामाइंस बाजार मैदान में 12-13 जून को आयोजित होने वाले ‘विशाल रेड रोज बुगी बुगी डांस धमाका एवं दो दिवसीय विराट मुर्गा पाड़ा’ कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पोस्टर के जरिए खुलेआम मुर्गा पाड़ा यानी मुर्गों की लड़ाई का आयोजन और नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
कानून को ठेंगा
भारत में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 के तहत मुर्गा पाड़ा पूरी तरह गैरकानूनी है। सुप्रीम कोर्ट भी इस पर रोक लगा चुका है। इसके बावजूद आयोजकों ने बेखौफ होकर दिनांक, समय और 4001 व 3001 रुपये के पुरस्कार तक छाप दिए हैं। पोस्टर में ‘पाड़ा दोपहर 3 बजे से शुरू होगा’ साफ लिखा है।
प्रशासन मौन, सवाल उठे
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बाजार मैदान जैसी सार्वजनिक जगह पर इतने बड़े आयोजन की तैयारी चल रही है, फिर भी पुलिस-प्रशासन आंखें मूंदे बैठा है। डांस के नाम पर अश्लीलता और जुए को बढ़ावा देने की आशंका भी जताई जा रही है।
क्या कहते हैं नियम
पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(1)(n) के तहत ऐसे आयोजन में शामिल होने या कराने पर 3 महीने तक की जेल या जुर्माना या दोनों हो सकते हैं।
स्थानीय लोगों में आक्रोश
नाम न छापने की शर्त पर एक ग्रामीण ने बताया, “पहले भी यहां चोरी-छिपे पाड़ा होता था। अब तो पोस्टर लगाकर खुला न्योता दिया जा रहा है। बच्चों पर इसका गलत असर पड़ेगा।”
साथ ही साथ यहां हब्बा डब्बा खिलवाने को लेकर भी चर्चा जोरों पर है। जादूगोड़ा पुलिस का कहना है कि अवैध गतिविधि किसी भी तरह से नहीं होने दी जाएगी।
ग्रामीणों के द्वारा पोटका विधायक से हरिना मेला की तरह यहां भी बुगी बुगी पर रोक लगाने की मांग की है जिससे कि युवाओं को गलत प्रभाव न पड़े कई बार यहां जुआ ओर अश्लील डांस को लेकर मारपीट भी हो चुकी है।
जुआ को लेकर सांसपुर के दुखु सिंह की हत्या भी हो चुकी है साथ ही साथ हब्बा डब्बा को लेकर मकर संक्रांति में पुलिस पर हमला भी किया गया है जुआ संचालकों के द्वारा।
थाना प्रभारी का कहना है कि क्षेत्र में जुआ किसी तरह भी खिलाने नहीं दिया जाएगा इसके कारण अपराध में बढ़ोतरी होती हे।

