डैम का पानी खेतों में घुसा, किसानों की फसल डूबी; सविता महतो के प्रयास से मिली राहत
राष्ट्र संवाद संवादाता
चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों एकड़ धान की फसल जलमग्न, विधायक सविता महतो के हस्तक्षेप पर खुले तीन फाटक
सरायकेला-खरसावां: कोल्हान क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश के कारण चांडिल डैम का जलस्तर बढ़ गया, जिससे चांडिल क्षेत्र के कई गांवों की कृषि भूमि जलमग्न हो गई। डैम का पानी खेतों में घुसने से सैकड़ों एकड़ में लगी धान की फसल प्रभावित हुई है और किसानों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।
सबसे अधिक प्रभावित गांवों में काशीपुर, लावा, ओड़िया, अंडा, हुटू और कल्याणपुर शामिल हैं। किसानों का कहना है कि वे साल में केवल एक बार ही खेती कर पाते हैं। बरसात के दौरान खेत अक्सर जलभराव की चपेट में रहते हैं और रबी फसल ही उनकी आजीविका का प्रमुख सहारा होती है। इस बार वह फसल भी डैम के बढ़े जलस्तर के कारण डूबने लगी।
स्थिति गंभीर होने पर किसानों ने ईचागढ़ की विधायक सविता महतो, जिला प्रशासन और चांडिल डैम प्रबंधन से हस्तक्षेप की मांग की। किसानों ने डैम के रेडियल गेट 10 से 15 दिनों तक खोलने की मांग की, ताकि खेतों में जमा पानी निकल सके और शेष फसल को बचाया जा सके।
मामले की गंभीरता को देखते हुए विधायक सविता महतो ने चांडिल डैम और संबंधित विभाग के अधिकारियों से बातचीत की। उनके हस्तक्षेप के बाद डैम के तीन फाटक खोल दिए गए। फाटक खुलने के बाद खेतों में जमा पानी तेजी से निकलने लगा है, जिससे किसानों को काफी राहत मिली है।
किसानों ने त्वरित कार्रवाई के लिए विधायक सविता महतो का आभार व्यक्त किया है। साथ ही उन्होंने सरकार और प्रशासन से फसल क्षति का सर्वे कर प्रभावित किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग भी की है। किसानों का कहना है कि नुकसान की भरपाई के बिना उनकी आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो सकती है।

