Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » ताड़ का फल ‘तरकुल’ बना ग्रामीणों की कमाई का सहारा, जमशेदपुर के गांवों में बढ़ी मांग
    Breaking News Headlines चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची राष्ट्रीय संथाल परगना संथाल परगना सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    ताड़ का फल ‘तरकुल’ बना ग्रामीणों की कमाई का सहारा, जमशेदपुर के गांवों में बढ़ी मांग

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashJune 8, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    ताड़ का फल ‘तरकुल’ बना ग्रामीणों की कमाई का सहारा, जमशेदपुर के गांवों में बढ़ी मांग

     राष्ट्र संवाद संवादाता 

    जमशेदपुर के ग्रामीण क्षेत्रों में इन दिनों ताड़ के पेड़ों से मिलने वाला मौसमी फल तरकुल लोगों के लिए अतिरिक्त आय का महत्वपूर्ण स्रोत बन गया है। गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक पहुंचाने वाले इस फल की शहरों में अच्छी मांग है, जिसका लाभ अब सीधे गांव के लोग उठा रहे हैं।

    ग्रामीण सुबह तड़के ताड़ के पेड़ों से ताजा तरकुल तोड़कर जमशेदपुर और आसपास के शहरी बाजारों में बेचने पहुंच रहे हैं। स्थानीय विक्रेताओं के अनुसार एक तरकुल 15 से 20 रुपये तक में बिक रहा है और इसकी खरीदारी के लिए लोगों की अच्छी-खासी भीड़ उमड़ रही है।

    ग्रामीणों का कहना है कि पहले बिहार के व्यापारी गांवों से तरकुल खरीदकर शहरों में बेचते थे, लेकिन अब स्थानीय लोग स्वयं बाजार तक पहुंचकर इसकी बिक्री कर रहे हैं। इससे उन्हें पहले की तुलना में अधिक मुनाफा मिल रहा है।

    जानकारी के अनुसार तरकुल का सीजन लगभग 15 दिनों तक रहता है। इस अवधि में एक परिवार 12 से 15 हजार रुपये तक की अतिरिक्त आय अर्जित कर लेता है। इससे गांवों में कई परिवारों को मौसमी रोजगार भी उपलब्ध हो रहा है।

    झारखंड में ताड़ और खजूर के पेड़ बड़ी संख्या में पाए जाते हैं और यहां की जलवायु इनके विकास के लिए अनुकूल मानी जाती है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि सरकार ताड़ आधारित उत्पादों के प्रसंस्करण और विपणन को बढ़ावा दे, तो यह क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन का माध्यम बन सकता है।
    गर्मी के मौसम में बढ़ती मांग और बेहतर बाजार पहुंच के कारण तरकुल अब केवल एक मौसमी फल नहीं, बल्कि ग्रामीणों की आय बढ़ाने का प्रभावी जरिया बनकर उभर रहा है।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleपूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी का कार्यालय
    Next Article डॉल्फिन क्लब की पूल पार्टी में बवाल, दो गुटों में मारपीट; तीन हिरासत में

    Related Posts

    राजग नीट पर संसद में चर्चा के लिए तैयार, कांग्रेस बहस से भाग रही है: भाजपा

    July 23, 2026

    राहुल गांधी के आवास पर इकट्ठा होने के बाद कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद गांधी स्मृति पहुंचे

    July 23, 2026

    जमशेदपुर: बागबेड़ा सड़क हादसे के बाद इलाज को लेकर बवाल, डीएसपी पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप, दो घंटे जाम रहा डीबी रोड

    July 23, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    राजग नीट पर संसद में चर्चा के लिए तैयार, कांग्रेस बहस से भाग रही है: भाजपा

    राहुल गांधी के आवास पर इकट्ठा होने के बाद कांग्रेस और ‘इंडिया’ गठबंधन के सांसद गांधी स्मृति पहुंचे

    जमशेदपुर: बागबेड़ा सड़क हादसे के बाद इलाज को लेकर बवाल, डीएसपी पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप, दो घंटे जाम रहा डीबी रोड

    बागबेड़ा डीबी रोड पर भीषण सड़क हादसा: अनियंत्रित अर्टिगा दुकान में घुसी, 5 घायल, एक की हालत गंभीर

    नीट पेपर लीक के विरोध में जहानाबाद में छात्रों का उग्र प्रदर्शन

    रांची में कांग्रेस का आदित्य साहू सहित 15 नामजद पर FIR

    बीजेपी कार्यालय के घेराव के दौरान हुई पत्थरबाजी, झड़प के बाद भारतीय जनता पार्टी ने प्रशासन और कांग्रेस नेताओं पर लगाए गंभीर आरोप.

    सीतारामडेरा में 18 चक्का ट्रेलर पलटा, बाइक सवार को बचाने के दौरान टला बड़ा हादसा

    बाराद्वारी में बंद घर को चोरों ने बनाया निशाना, ₹5.5 लाख की नकदी और जेवरात लेकर फरार

    पलामू में अवैध अंग्रेजी शराब की मिनी फैक्ट्री का भंडाफोड़

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.