श्री हनुमान जी से जुडने का सटीक तरीका है
श्री हनुमान चालीसा
राष्ट्र संवाद संवादाता
पंडित विजय शंकर मेहता
श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई के शताब्दी वर्ष समारोह की श्रृंखला में दिनांक 7 एवं 8 जून को दो दिवसीय व्याख्यान के आयोजन पर पधारे व्याख्यान कर्ता श्रृद्धेय पंडित विजय शंकर मेहता जी का श्री राजस्थान शिवमंदिर जुगसलाई में व्यासपीठ पर विराजमान होने पर सर्व प्रथम पंडित विजय शंकर मेहता जी का सम्मान पुष्प गुछ ओर शाल ओढाकर किया
श्री छीतरमल धूत, अरुण अग्रवाल, रमेश अग्रवाल मेंगोतिया , दीपक अग्रवाल रामूका एवं
विश्वनाथ शर्मा जी ने
आज के व्याख्यान एक श्याम हनुमान के नाम पर व्याख्यान प्रारंभ करते हुए पंडित विजय शंकर मेहता जी ने कहा कि चिरंजीवी हनुमान जी महाराज आज भी साक्षात एवं प्रत्यक्ष देवता हैं
श्री विजय शंकर मेहता जी ने आगे कहा कि श्री हनुमान चालीसा के चालीस नहीं बल्कि 43 पद हैं, श्री हनुमान चालीसा को श्री हनुमान जी का शब्दावतार भी कहते हैं,
व्यास पीठ से बोलते हुये
श्री हनुमान चालीसा के प्रत्येक पद का विस्तार से विशलेषण भी किया
मन रुपी दर्पण को साफ करने के बाद ही हनुमान जी की भक्ति करें
श्री हनुमान जी की भक्ति करने वाला कभी भी अवसाद में नहीं जाता है, हनुमान जी का सही नाम बजरंगी है एवं जो अपने मान का हनन करदे वोही हनुमान है, आगे कहा गया कि जो लोगों के दिल पर राज करे
वो ही साक्षात देवता हनुमान जी हैं, सुंदर कांड का भी विस्तार से
वर्णन किया
एवं भगवान् के समक्ष हाथ जोड़कर ताली बजाने ओर हौठों पर मुस्कान का भी जीवन में गूढ अर्थ बताया,
आज के व्याख्यान में पधारे विशेष अतिथियों में शामिल थे
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक श्री सरयू राय, रमेश मेंगोतिया, अनिल मेंगोतिया, गजानंद भालोटिया, आर के झुनझुनवाला, श्रीमती जया डोकानिया, लता अग्रवाल, किरण भाउका, अरुण बाकरेवाल, सीताराम अग्रवाल, संतोष खेतान, विनोद देबूका, श्याम सुंदर रीगंसिया आदि
आयोजन की सफलता के लिए सक्रिय थे
सांवर लाल शर्मा, कमल किशोर अग्रवाल, पवन काबरा, पवन सिंगोदिया, संजय गुप्ता, सुशील सर्वा, कैलाश अग्रवाल, मनोज केडिया एवं अनेकों सदस्य गण,
यह जानकारी मीडिया प्रभारी सांवर लाल शर्मा एवं बी एन शर्मा ने दी!!

