राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुसाबनी प्रखंड के कुमीरमुड़ी गांव में ग्राम प्रधान घासीया किस्कू के खिलाफ पक्षपात, भेदभाव और ग्रामीण हितों की अनदेखी के आरोपों को लेकर रविवार सुबह चेतान टोला में ग्रामीणों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हिंदुस्तान कॉपर लिमिटेड की माइंस में बहाली प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जाती तथा कुछ खास लोगों को ही रोजगार का लाभ दिया जाता है। साथ ही वन पट्टा, सरकारी योजनाओं और सामाजिक अधिकारों से कई परिवारों को वंचित रखा गया है। इससे नाराज ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से नई ग्रामसभा का गठन करते हुए माझी बाबा करिया हसदा को ग्राम प्रधान, सुनील मार्डी, सुनील मुर्मू और गौरमोहन महतो को टोला प्रधान तथा सुभाष हेंब्रम को पराणिक चुना। इसी दौरान वन अधिकार समिति का भी गठन किया गया, जिसमें धनुराम मार्डी को अध्यक्ष और गुमदा मुर्मू को सचिव बनाया गया। बैठक में गांव के विकास, रोजगार, सरकारी योजनाओं और सामाजिक कार्यों में सभी समुदायों की समान भागीदारी सुनिश्चित करने तथा पूरी पारदर्शिता के साथ कार्य करने का संकल्प लिया गया। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि नए ग्राम प्रधान के चयन की सूचना प्रशासन को देकर ग्रामसभा को सरकारी मान्यता दिलाने की मांग की जाएगी, ताकि कोई भी परिवार अधिकारों और योजनाओं से वंचित न रहे। बैठक में बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

