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    एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

    Sumi BangabashBy Sumi BangabashMay 31, 2026No Comments2 Mins Read
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    एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर: शहर के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से रविवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
    मृतक की पहचान सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भुईयाडीह कानू भट्टा निवासी 45 वर्षीय श्रवण कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार श्रवण कुमार के पैर में पहले से चोट थी, जिसमें सूजन और घाव हो गया था। रविवार सुबह अचानक दर्द बढ़ने पर उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया।
    परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के नाम पर केवल घाव की सफाई कर दवा लगाई गई और पट्टी बांधने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इस दौरान परिवार ने चिकित्सकों से मरीज की स्थिति को देखते हुए विस्तृत जांच करने का अनुरोध भी किया, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया।
    बताया जाता है कि घर लौटने के कुछ घंटों बाद श्रवण कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पैर का दर्द असहनीय हो गया और उनकी बेचैनी बढ़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें दोबारा एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
    मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के भाई आशीष कुमार ने कहा कि यदि सुबह ही मरीज की समुचित जांच और बेहतर इलाज किया गया होता तो शायद उनके भाई की जान बच सकती थी।
    घटना के बाद एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।

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    Previous Articleएमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे युवक की मौत, परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप राष्ट्र संवाद संवाददाता जमशेदपुर: शहर के डिमना चौक स्थित एमजीएम अस्पताल में इलाज के बाद घर लौटे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो जाने से रविवार को अस्पताल परिसर में हंगामा हो गया। मृतक के परिजनों ने चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। मृतक की पहचान सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के भुईयाडीह कानू भट्टा निवासी 45 वर्षीय श्रवण कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार श्रवण कुमार के पैर में पहले से चोट थी, जिसमें सूजन और घाव हो गया था। रविवार सुबह अचानक दर्द बढ़ने पर उन्हें इलाज के लिए एमजीएम अस्पताल ले जाया गया। परिजनों का आरोप है कि अस्पताल में प्राथमिक उपचार के नाम पर केवल घाव की सफाई कर दवा लगाई गई और पट्टी बांधने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। इस दौरान परिवार ने चिकित्सकों से मरीज की स्थिति को देखते हुए विस्तृत जांच करने का अनुरोध भी किया, लेकिन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं लिया गया। बताया जाता है कि घर लौटने के कुछ घंटों बाद श्रवण कुमार की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। पैर का दर्द असहनीय हो गया और उनकी बेचैनी बढ़ने लगी। स्थिति गंभीर होने पर परिजन उन्हें दोबारा एमजीएम अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन करते हुए चिकित्सकीय लापरवाही का आरोप लगाया। मृतक के भाई आशीष कुमार ने कहा कि यदि सुबह ही मरीज की समुचित जांच और बेहतर इलाज किया गया होता तो शायद उनके भाई की जान बच सकती थी। घटना के बाद एमजीएम अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और चिकित्सकीय व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। वहीं परिजनों ने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई थी।
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