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    Home » जान हथेली पर रख रेलवे ट्रैक पार कर रहे ग्रामीण, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    जान हथेली पर रख रेलवे ट्रैक पार कर रहे ग्रामीण, कभी भी हो सकती है बड़ी दुर्घटना

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 29, 2026No Comments2 Mins Read
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    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत चांडिल क्षेत्र में रेलवे गेट संख्या 6, 7 और 8 बंद किए जाने के बाद ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। स्थिति ऐसी हो गई है कि सिकली, कदमडीह सहित आसपास के हजारों ग्रामीण और सिंहभूम कॉलेज आने-जाने वाले करीब तीन हजार छात्र-छात्राएं जान जोखिम में डालकर रेलवे ट्रैक पार करने को मजबूर हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।

    ग्रामीणों के अनुसार रेलवे प्रशासन द्वारा गेट बंद किए जाने के बाद लोगों को आने-जाने के लिए करीब दो किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। सबसे अधिक परेशानी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है। क्षेत्र में बने अंडरपास में बरसात के दिनों में पानी भर जाता है, जिससे आवागमन लगभग ठप हो जाता है। वहीं बिजली कटने की स्थिति में अंडरपास पूरी तरह अंधेरे में डूब जाता है, जिससे लोगों में भय का माहौल बना रहता है।

    स्थानीय ग्रामीणों ने बताया कि गेट बंद किए जाने के समय ही रेलवे अधिकारियों से फुट ओवरब्रिज निर्माण की मांग की गई थी, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा मिल सके। लेकिन करीब तीन वर्ष बीत जाने के बावजूद रेलवे प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई है। मजबूरी में लोग रेलवे ट्रैक पार कर रहे हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

    ग्रामीणों ने रेलवे प्रशासन से अविलंब फुट ओवरब्रिज निर्माण कराने और बंद गेटों के विकल्प के रूप में सुरक्षित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है। स्थानीय ग्रामीण जनप्रतिनिधियों द्वारा उक्त समस्या प्रति अनदेखी पर आक्रोश जाहिर कर रहे है .

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