राष्ट्र संवाद संवाददाता संजय शर्मा
ईचागढ़ थाना क्षेत्र के पुरानडीह उत्क्रमित विद्यालय परिसर में पुलिस प्रशासन द्वारा जप्त किए गए बालू के रहस्यमय तरीके से गायब होने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। मामले के दैनिक हिंदी अखबार राष्ट्रसंवाद में उजागर होने के बाद पुलिस और बालू माफियाओं के गठजोड़ की चर्चाएं तेज हो गई हैं। वहीं 19 मई को दोबारा उसी स्थल पर बालू गिराए जाने से मामले की लीपापोती किए जाने के आरोप लग रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, 12 मई 2026 को करीब 8 हजार सीएफटी अवैध बालू जब्त किया गया था। ईचागढ़ अंचल अधिकारी कुमार दीपक ने आगे की कार्रवाई के लिए बालू को ईचागढ़ थाना प्रभारी बजरंग महतो के सुपुर्द किया था। लेकिन 17 मई की रात जप्त बालू रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। 18 मई को घटना की खबर 19 मई को अखबार में प्रकाशित होने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस प्रशासन को खुली चुनौती देते हुए बालू माफियाओं ने बालू गायब किया। लोगों के बीच यह चर्चा भी है कि “जब सैया भये कोतवाल तो डर काहे का” कहावत इस मामले में सटीक बैठती नजर आ रही है। पूरे मामले की चर्चा चौक-चौराहों पर हो रही है और पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं।
इधर अंचल अधिकारी ने स्पष्ट कहा कि जप्त सामग्री की सुरक्षा की जिम्मेदारी पुलिस विभाग की थी। वहीं सूत्रों का दावा है कि थाना प्रभारी के दबाव में रातों-रात कारोबारियों द्वारा दोबारा बालू गिराकर मामले को दबाने की कोशिश की गई। पहले बालू चोरी होना और फिर उसी जगह दोबारा बालू गिरा देना कई सवाल खड़े कर रहा है।
बताया जाता है कि इससे पहले भी जप्त अवैध बालू चोरी होने के मामले सामने आ चुके हैं। ईचागढ़ थाना क्षेत्र में अवैध बालू खनन और परिवहन को लेकर पुलिस और कारोबारियों की मिलीभगत के किस्से लंबे समय से चर्चा में रहे हैं। आरोप है कि पिछले सात वर्षों में अवैध बालू कारोबार से सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है।
सूत्रों के मुताबिक, अब तक बालू चोरी मामले में कोई आधिकारिक जांच शुरू नहीं हुई है। पुलिस प्रशासन से पूछे जाने पर स्पष्ट जवाब नहीं दिया जा रहा है।अंचल अधिकारी दीपक को मोबाइल पर संपर्क करने पर नहीं उठाया. लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हो तो हकीकत सामने आ सकती हैं।
पूर्व में तत्कालीन थाना प्रभारी विक्रमादित्य पांडे के कार्यकाल में भी अवैध बालू कारोबार को लेकर कई आरोप लगे थे। अब जिले की नई पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी से लोगों को उम्मीद है कि जिले में अवैध बालू कारोबार समेत अन्य अनैतिक गतिविधियों पर रोक लगेगी और पुलिस-पब्लिक के बीच विश्वास बहाल होगा ?

