राष्ट्र संवाद संवाददाता
यूसील हॉस्पिटल में दवा की चरमराती व्यवस्था को लेकर मरीजों में भारी नाराजगी है मरीज को दवाई 10 दिनों में भी नहीं दिया जा रहा है जिसके कारण मरीजों ने गहरी नाराजगी प्रकट करते हुए यूसिल प्रबंधन से शिकायत की है ।
दवा के आउटसोर्सिंग कंपनी के के फार्मा को 2 साल का 16 करोड़ का टेंडर दिया गया है लेकिन जब से इन्हें टेंडर मिला है मरीज और पूर्व कर्मचारी काफी परेशान है।
पूर्व कर्मचारियों को विशेष कर काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है दवाई के लिए बार-बार यूसील अस्पताल के दवा काउंटर का चक्कर लगाना पड़ रहा है जिसके कारण उन्हें आर्थिक क्षति और शारीरिक दोनों क्षति हो रही है ।
इन सब मुद्दे को लेकर यूसिल अस्पताल से कई पूर्व कर्मचारी ओर पेपर में प्रमुखता से मुद्दा को उठाए जाने के बाद यूसिल अस्पताल प्रबंधन
ने काफी नाराजगी प्रकट करते हुए मंगलवार को यूसिल अस्पताल जादूगोड़ा में यूसिल हॉस्पिटल नरवा पहाड़ के सी एम ओ डॉक्टर कंचन भट्टाचार्य, यूसिल अस्पताल जादूगोड़ा के सीएमओ डॉक्टर देवाशीष भट्टाचार्य,ओर डॉक्टर एस डी एन शर्मा,यूसिल अस्पताल तूरामडीह के सी एम ओ बबीता साहू मैं एक बैठक आपातकालीन बैठक बुलाकर आउटसोर्सिंग कंपनी के के फार्मा के मालिक अनुपम गुप्ता कोबुलाकर कड़ी चेतावनी देते हुए कड़ी फटकार लगाई साथ ही साथ 48 घंटे के अंदर दवा सप्लाई करने का आदेश दिया है अगर टेंडर के अनुसार दवाई सप्लाई नहीं किया गया तो उन्हें ब्लैक लिस्ट करने की भी चेतावनी भी दी गई है।
साथ ही साथ उन्हें दवा जो डॉक्टर लिखते हैं उसको उसके बदले दूसरी दवा नहीं देने की भी हिदायत दी गई सीएमओ ने बताया कि लगभग 40 ब्रांड के दवाई रखने का आदेश दिया गया है।
स्पेशल हॉस्पिटल के सीईओ ने बताया कि लगातार दवाई समय नहीं देने समय पर नहीं देने से पूर्व कर्मचारियों को काफी परेशानी हो रही है लगातार शिकायत मिलने के कारण ही आउटसोर्सिंग कंपनी को कड़ी हिदायत दी गई हे।
के के फार्मा के द्वारा जुलाई 2025 से यूसील अस्पताल में दवाई की सप्लाई प्रारंभ किया गया था 16 करोड़ का दवाई 2 साल में इन्हें सप्लाई करना है सभी दवाई ब्रांडेड होंगे लेकिन इनके दवाई सप्लाई के बाद से ही संयुक्त यूनियन के नेताओं में भी भारी नाराजगी है और इन्हें हटाकर दूसरी कंपनी को दवाई का टेंडर देने की मांग की गई है।
साथ ही साथ डॉक्टर ने यूसिल अस्पताल जादूगोड़ा में वार्ड में एसी लगाने की प्रक्रिया को भी जल्द से जल्द करने का बात कही है।
सीएमओ के द्वारा कड़ी चेतावनी देने के बाद किसी के के फार्मा के मालिक ने भी टेंडर के अनुसार दवाई सप्लाई करने का आश्वासन दिया है ।

