Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » 28 वर्षों से पुनर्वास की बाट जोह रहे विस्थापित, चाटीकोचा ग्राम सभा ने यूसिल प्रबंधन को दी आंदोलन की चेतावनी
    झारखंड सरायकेला-खरसावां

    28 वर्षों से पुनर्वास की बाट जोह रहे विस्थापित, चाटीकोचा ग्राम सभा ने यूसिल प्रबंधन को दी आंदोलन की चेतावनी

    Aman OjhaBy Aman OjhaMay 18, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

     

    पूर्वी सिंहभूम जिले के जादूगोड़ा क्षेत्र स्थित चाटीकोचा ग्राम सभा के ग्राम प्रधान सह अध्यक्ष मेघराय सोरेन ने यूसिल के उपमहाप्रबंधक (कार्मिक एवं औद्योगिक संबंध) को पत्र सौंपकर L.A. Case No-1989-90 के तहत अधिग्रहित जमीन से प्रभावित विस्थापित परिवारों के आश्रितों को अविलंब नौकरी देने की मांग उठाई है। ग्राम सभा की ओर से कहा गया है कि जमीन अधिग्रहण के बावजूद आज तक कई विस्थापित परिवारों को पुनर्वास और रोजगार का लाभ नहीं मिल पाया है, जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। पत्र में मांग की गई है कि L.A. Case No-1989-90 से जुड़े वंचित युवक-युवतियों को नौकरी में नियोजन किया जाए, सेवा-निवृत्त कर्मचारियों के आश्रितों को तत्काल रोजगार दिया जाए तथा मृत कर्मचारियों के परिवारों को भी अविलंब नियुक्ति प्रदान की जाए। ग्राम सभा ने आरोप लगाया कि पिछले 28 वर्षों से विस्थापित परिवार पुनर्वास और रोजगार के इंतजार में हैं, जबकि कई लोग न्याय की आस लगाए दुनिया छोड़ चुके हैं।

    ग्राम सभा ने चेतावनी दी है कि यदि यूसिल प्रबंधन 21 दिनों के भीतर सकारात्मक पहल नहीं करता है तो विस्थापित परिवार स्वतंत्र रूप से आंदोलन और सीधी कार्रवाई करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी यूसिल प्रबंधन की होगी। इस पत्र की प्रतिलिपि उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम, अनुमंडल पदाधिकारी धालभूम, वरीय पुलिस अधीक्षक, अंचल पदाधिकारी पोटका तथा जादूगोड़ा थाना को भी भेजी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब वे अपने अधिकारों के लिए आर-पार की लड़ाई लड़ने को तैयार हैं।

    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleमुसाबनी में उप स्वास्थ्य केंद्र निर्माण पर उठे सवाल, अवैध बालू और पेड़ कटाई की जांच की मांग
    Next Article टाटा स्टील फाउंडेशन की ओर से बच्चों के बीच ट्रेनिंग ऑन बेसिक लाइफ सपोर्ट प्रोग्राम आयोजित

    Related Posts

    बिरसा मुंडा: जनजातीय कला से जीवन गाथा, रांची में कार्यशाला

    May 18, 2026

    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम

    May 18, 2026

    उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की आहुत बैठक संपन्न

    May 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    मिथिला विवि: सिंडिकेट बैठक में जून सीनेट को मंजूरी, नए कॉलेजों में पढ़ाई

    बिरसा मुंडा: जनजातीय कला से जीवन गाथा, रांची में कार्यशाला

    मीरजापुर बनेगा पावर हब: यूपी सरकार की ₹2799 करोड़ की मंजूरी

    भदोही में यादव महासंघ की महाबैठक: एकजुटता, प्रगति पर जोर

    बस सुरक्षा: सिस्टम का खोखलापन और हमारी चुप्पी

    गणि राजेन्द्र विजय: आदिवासी मौन क्रांति के नायक

    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम

    होटवार जेल: महिला कैदी शोषण, न्यायिक हिरासत पर गंभीर सवाल

    उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की आहुत बैठक संपन्न

    10 विस्थापित ठेका कर्मियों को हटाने पर भड़के ग्रामीण, यूसीआईएल प्रबंधन को दो दिन का अल्टीमेटम

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.