राष्ट्र संवाद संवाददाता
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर थाना क्षेत्र में पुलिस और श्रम विभाग ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मानव तस्करी के एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने शहर स्थित K2 होटल में देर रात छापेमारी कर तस्करों के चंगुल से 30 महिला-पुरुष मजदूरों समेत 6 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित मुक्त कराया। इनमें 5 लड़के और 1 लड़की शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इन सभी को बंधुआ मजदूर बनाकर अवैध रूप से गुजरात ले जाने की तैयारी चल रही थी। मौके से मजदूरों को ले जाने के लिए खड़ी राजलक्ष्मी ट्रेवल्स की बस (OR 11H 0797) को भी जब्त कर लिया गया है। जानकारी के अनुसार पोड़ाहाट अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ मानव तस्कर नाबालिग बच्चों और मजदूरों को होटल में बंधक बनाकर रखे हुए हैं और उन्हें गुजरात भेजने की साजिश रच रहे हैं। सूचना मिलते ही जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), श्रम विभाग, चाइल्डलाइन और चक्रधरपुर पुलिस सक्रिय हो गई। वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया। गठित टीम ने थाना प्रभारी अवधेश कुमार, पुलिस बल और श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के साथ K2 होटल में घेराबंदी कर दबिश दी। छापेमारी के दौरान होटल से बड़ी संख्या में मजदूरों और बच्चों को मुक्त कराया गया। सभी नाबालिगों को बाल कल्याण समिति (CWC) चाईबासा के निर्देश पर सुरक्षित संरक्षण और काउंसलिंग के लिए चाइल्डलाइन चाईबासा को सौंप दिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान गुजरात निवासी दो शातिर मानव तस्करों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में निकुंज गोविंद बोरसानिया (32 वर्ष) और कादिवर निलेश भाई (34 वर्ष) शामिल हैं। दोनों आरोपी गुजरात के मोरवी और राजकोट क्षेत्र के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS और बाल श्रम अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। इस सफल ऑपरेशन में सहायक पुलिस अधीक्षक सह अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चक्रधरपुर, थाना प्रभारी अवधेश कुमार, परमेश्वर उरांव, राज किशोर तिवारी, बीरबल चौबे समेत सशस्त्र बल के जवानों की अहम भूमिका रही। पुलिस अब इस पूरे मानव तस्करी नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

