Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » बिना रजिस्ट्रेशन तीन वर्षों से चल रहा क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
    Breaking News Headlines अपराध कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड रांची सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    बिना रजिस्ट्रेशन तीन वर्षों से चल रहा क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMay 18, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    बिना रजिस्ट्रेशन तीन वर्षों से चल रहा क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बिरसानगर थाना क्षेत्र में एक महिला चिकित्सक द्वारा वर्ष 2022 से कथित रूप से बिना आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के क्लीनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्लीनिक के पास न तो क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र है और न ही बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन से संबंधित अनिवार्य प्रदूषण प्रमाणपत्र। इसके बावजूद वर्षों से यहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

    मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैध पंजीकरण और लाइसेंस के स्वास्थ्य सेवा संचालित होना मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। आरोप यह भी है कि संबंधित चिकित्सक के पति एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं, जिसके कारण प्रभाव और पहुंच के चलते कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।

    अब तक सिविल सर्जन कार्यालय, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या नियम-कानून केवल छोटे क्लीनिकों पर ही लागू होते हैं या प्रभावशाली लोगों को विशेष संरक्षण प्राप्त है।

    स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि करने तथा यदि अनियमितताएं पाई जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। जनता का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

    बिना रजिस्ट्रेशन तीन वर्षों से चल रहा क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleबोलाईडीह में बाल मजदूरी पर बड़ा एक्शन, चिकन शॉप से मुक्त कराया गया नाबालिग
    Next Article विक्रम शर्मा हत्याकांड: देहरादून पुलिस ने जमशेदपुर में फरार आरोपियों के घरों पर की कुर्की-जब्ती

    Related Posts

    बिरसा मुंडा: जनजातीय कला से जीवन गाथा, रांची में कार्यशाला

    May 18, 2026

    मीरजापुर बनेगा पावर हब: यूपी सरकार की ₹2799 करोड़ की मंजूरी

    May 18, 2026

    भदोही में यादव महासंघ की महाबैठक: एकजुटता, प्रगति पर जोर

    May 18, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    मिथिला विवि: सिंडिकेट बैठक में जून सीनेट को मंजूरी, नए कॉलेजों में पढ़ाई

    बिरसा मुंडा: जनजातीय कला से जीवन गाथा, रांची में कार्यशाला

    मीरजापुर बनेगा पावर हब: यूपी सरकार की ₹2799 करोड़ की मंजूरी

    भदोही में यादव महासंघ की महाबैठक: एकजुटता, प्रगति पर जोर

    बस सुरक्षा: सिस्टम का खोखलापन और हमारी चुप्पी

    गणि राजेन्द्र विजय: आदिवासी मौन क्रांति के नायक

    राजस्थान महोत्सव सह मेला 2026 के दूसरे दिन हास्य, संस्कृति और राजस्थानी रंगों से सराबोर हुई शाम

    होटवार जेल: महिला कैदी शोषण, न्यायिक हिरासत पर गंभीर सवाल

    उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी जामताड़ा आलोक कुमार की अध्यक्षता में आज समाहरणालय सभागार में जिला बाल संरक्षण इकाई की आहुत बैठक संपन्न

    10 विस्थापित ठेका कर्मियों को हटाने पर भड़के ग्रामीण, यूसीआईएल प्रबंधन को दो दिन का अल्टीमेटम

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.