बिना रजिस्ट्रेशन तीन वर्षों से चल रहा क्लीनिक, स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर। पूर्वी सिंहभूम जिले के बिरसानगर थाना क्षेत्र में एक महिला चिकित्सक द्वारा वर्ष 2022 से कथित रूप से बिना आवश्यक वैधानिक दस्तावेजों के क्लीनिक संचालित किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि क्लीनिक के पास न तो क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट रजिस्ट्रेशन प्रमाणपत्र है और न ही बायोमेडिकल वेस्ट प्रबंधन से संबंधित अनिवार्य प्रदूषण प्रमाणपत्र। इसके बावजूद वर्षों से यहां मरीजों का इलाज किया जा रहा है।

मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना वैध पंजीकरण और लाइसेंस के स्वास्थ्य सेवा संचालित होना मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ है। आरोप यह भी है कि संबंधित चिकित्सक के पति एक प्रतिष्ठित राष्ट्रीय कंपनी में कार्यरत हैं, जिसके कारण प्रभाव और पहुंच के चलते कार्रवाई प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
अब तक सिविल सर्जन कार्यालय, जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई ठोस कार्रवाई सामने नहीं आई है। इससे यह प्रश्न उठ रहा है कि क्या नियम-कानून केवल छोटे क्लीनिकों पर ही लागू होते हैं या प्रभावशाली लोगों को विशेष संरक्षण प्राप्त है।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक दस्तावेजों की सत्यता की पुष्टि करने तथा यदि अनियमितताएं पाई जाएं तो नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है। जनता का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

