राष्ट्र संवाद संवाददाता
सरायकेला-खरसावां जिले के ईचागढ़ प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत तुता गांव में जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता से परेशान ग्रामीणों ने आखिरकार खुद ही सड़क निर्माण की जिम्मेदारी उठा ली। वर्षों से जर्जर सड़क की समस्या झेल रहे ग्रामीणों ने विधायक, सांसद, मंत्री और मुखिया तक कई बार गुहार लगाई, आवेदन दिए, लेकिन समाधान नहीं होने पर गांव के लोगों ने आपस में चंदा जुटाकर सड़क निर्माण कार्य शुरू कर दिया।
ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर प्रत्येक घर से करीब 500 रुपये चंदा लेने का निर्णय लिया। इसके बाद करीब 200 मीटर सड़क निर्माण कार्य आरंभ किया गया। सड़क निर्माण में ग्रामीण खुद श्रमदान करते नजर आए। गांव के कई ट्रैक्टर और हाइवा से मिट्टी लाकर सड़क की भराई की गई।
ग्रामीणों ने बताया कि सड़क की हालत बेहद खराब होने के कारण बारिश के दिनों में आवागमन पूरी तरह बाधित हो जाता था। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने, बच्चों को स्कूल भेजने और रोजमर्रा के कार्यों में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग की गई, लेकिन कोई पहल नहीं हुई।
सड़क निर्माण कार्य में लालटू महतो, कार्तिक सिंह मुंडा, विवेक महतो, सुभाषचंद्र महतो, राजेश महतो, जुगल महतो और बरन सिंह मुंडा समेत कई ग्रामीण जुटे रहे। ग्रामीणों ने कहा कि मजबूरी में उन्हें अपने पैसे से सड़क बनानी पड़ रही है।

