पी. एन. बोस की 171वीं जयंती पर याद किए गए ऐतिहासिक योगदान
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में महान भूवैज्ञानिक एवं वैज्ञानिक प्रमथनाथ बोस की 171वीं जयंती श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई गई। इस अवसर पर विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक एवं औद्योगिक संस्थानों में उनके योगदान को याद करते हुए चर्चा की गई।
12 मई 1855 को जन्मे पी. एन. बोस को भारत के प्रमुख भूवैज्ञानिकों में गिना जाता है। सिंहभूम क्षेत्र में लौह अयस्क की संभावनाओं की पहचान करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। बताया जाता है कि उन्होंने ही जमशेदजी टाटा को सिंहभूम क्षेत्र में उपलब्ध लौह अयस्क की जानकारी दी थी, जिसने आगे चलकर Tata Steel की स्थापना और जमशेदपुर के औद्योगिक विकास की नींव मजबूत की।
विशेषज्ञों ने कहा कि पी. एन. बोस की दूरदर्शिता और वैज्ञानिक सोच ने भारत के औद्योगिक इतिहास को नई दिशा दी। VP रॉ मैटेरियल संदीप कुमार ने उन्हें भारत के औद्योगिक विकास का अग्रदूत बताते हुए युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेने की अपील की। झारखंड और खासकर जमशेदपुर आज उनके अमूल्य योगदान को नमन कर रहा है।

