राष्ट्र संवाद संवाददाता
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत गुवा स्थित सेल (स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड) की लौह अयस्क खदान में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर सोमवार सुबह चार बजे से अनिश्चितकालीन चक्का जाम आंदोलन शुरू हो गया। मुंडा-मानकी संघ के बैनर तले चल रहे इस आंदोलन में गुवा एवं आसपास के गांवों के बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। आंदोलनकारियों ने सेल प्रबंधन पर पूर्व में हुए लिखित समझौते की अवहेलना करने का आरोप लगाया है। ग्रामीणों का कहना है कि 13 दिनों तक चले पिछले आंदोलन के बाद यह सहमति बनी थी कि रांजाबुरु माइंस में ड्राइवर, खलासी तथा अन्य चतुर्थ श्रेणी पदों पर नियुक्ति स्थानीय गांवों के युवाओं से की जाएगी, लेकिन प्रबंधन द्वारा बाहरी मजदूरों को बहाल किया जा रहा है। इससे स्थानीय युवाओं में भारी नाराजगी है। आंदोलनकारी मजदूर केशव प्रधान ने कहा कि खदान से निकलने वाला लाल पानी खेतों तक पहुंच रहा है, जिससे कृषि भूमि बंजर होती जा रही है और ग्रामीणों की आजीविका पर संकट गहरा गया है। आंदोलन की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से वार्ता कर उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। हालांकि मुंडा-मानकी संघ ने साफ कर दिया है कि जब तक सेल प्रबंधन की ओर से ठोस पहल नहीं होती, आंदोलन जारी रहेगा। संघ ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और उग्र किया जाएगा। चक्का जाम के कारण खदान से लौह अयस्क का परिवहन पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे खदान क्षेत्र में गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं।

