Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » करंट की चपेट में आकर जंगली हाथी की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश
    Breaking News Headlines अपराध खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर झारखंड सरायकेला-खरसावां हजारीबाग

    करंट की चपेट में आकर जंगली हाथी की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarMay 6, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    करंट की चपेट में आकर जंगली हाथी की मौत, ग्रामीणों में आक्रोश

    राष्ट्र संवाद संवाददाता
    सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल वन क्षेत्र में एक बार फिर इंसानी लापरवाही का खामियाजा एक बेजुबान को अपनी जान देकर चुकाना पड़ा। कुकड़ू प्रखंड के तिरूलडीह और सापारूम गांव के बीच देर रात करंट लगने से एक जंगली नर हाथी की मौत हो गई।
    बुधवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की ओर गए, तो उन्हें एक हाथी का शव मिला, जिसके शरीर में बिजली का तार लिपटा हुआ था। इससे स्पष्ट है कि हाथी की मौत करंट लगने से हुई है। घटना की खबर मिलते ही आसपास के गांवों के लोग मौके पर जुट गए। इस घटना को लेकर लोगों में आक्रोश के साथ-साथ गहरी चिंता भी देखी जा रही है।
    सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हाथी के शव का पोस्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके बाद शव को घटनास्थल के पास ही दफनाने की तैयारी की जा रही है।
    झुंड के अन्य हाथियों पर भी खतरा
    ग्रामीणों के अनुसार, मृत हाथी एक झुंड का हिस्सा था। आशंका जताई जा रही है कि झुंड के अन्य हाथी भी करंट की चपेट में आ सकते हैं। वन विभाग इस दिशा में जांच कर रहा है।
    लटके बिजली तार बने खतरा
    ग्रामीणों ने इस घटना के लिए लचर व्यवस्था को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि गांव में कई जगह बिजली के तार काफी नीचे लटके हुए हैं, जिससे जंगल से गुजरने वाले हाथियों के लिए हमेशा खतरा बना रहता है। संभवतः इसी वजह से यह हादसा हुआ।
    पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
    चांडिल और आसपास के वन क्षेत्रों में करंट से हाथियों की मौत का यह पहला मामला नहीं है।
    जून 2025 में हेवन गांव में एक हाथी की करंट से मौत हुई थी
    उसी महीने अमबेड़ा के पास खेत में एक और हाथी की जान गई
    नवंबर 2023 में मुसाबनी वन क्षेत्र में एक साथ 5 हाथियों की मौत हुई थी
    चाकुलिया क्षेत्र में 24 घंटे के भीतर 2 हाथियों की मौत हुई थी
    लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है। अब देखना होगा कि जिम्मेदार विभाग इस बार क्या कार्रवाई करता है, ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।

    करंट की चपेट में आकर जंगली हाथी की मौत ग्रामीणों में आक्रोश
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleब्रह्मर्षि विकास मंच कदमा इकाई की बैठक संपन्न, 1 जून को मनाया जाएगा स्व. ब्रह्मेश्वर मुखिया का शहादत दिवस
    Next Article टंडवा की सड़कों पर मौत का तांडव: दो युवकों की कुचलकर मौत, आक्रोश में उबल उठा जनसैलाब ।

    Related Posts

    जेन-जी आंदोलन में उठाई गई शिकायतें जायज हैं: मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण

    August 11, 2026

    मोहन भागवत ने जेन-जी आंदोलन पर कहा: विरोध संवाद का वैध माध्यम, शिकायतें जायज

    August 11, 2026

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरकार संवाद से निकाले समाधान: सरयू राय

    August 10, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    जेन-जी आंदोलन में उठाई गई शिकायतें जायज हैं: मोहन भागवत का लोकतंत्र पर दृष्टिकोण

    मोहन भागवत ने जेन-जी आंदोलन पर कहा: विरोध संवाद का वैध माध्यम, शिकायतें जायज

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरकार संवाद से निकाले समाधान: सरयू राय

    सरयू राय ने विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज की निंदा की, सरकार से संवाद की अपील

    मोहन भागवत का बड़ा बयान: लोकतंत्र में विरोध प्रदर्शन संवाद का वैध माध्यम, जेन-जी आंदोलन पर दृष्टिकोण

    कल्याण में कुत्ते का ‘एक-मैन आर्मी’ तांडव: 7 घंटे में 130 से ज्यादा लोगों को काटा, प्रशासन अभी भी ‘सो रहा’ था!

    ब्रह्मदेव चौधरी: आजादी के गुमनाम नायक जिन्होंने अंग्रेजों की यातनाएं सहीं पर साथियों को नहीं दिया धोखा

    विद्यार्थियों पर लाठीचार्ज निंदनीय, सरयू राय बोले- संवाद से निकाले समाधान

    कल्याण में आवारा सफेद कुत्ते का तांडव: 7 घंटे में 130 से ज्यादा लोगों को काटा, प्रशासन बेखबर

    हेमन्त सोरेन ने छात्र आंदोलन पर दिया आश्वासन, प्रशासन-पुलिस को सराहा

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.