राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर में रेल यात्री संघर्ष समिति ने टाटानगर रेलवे प्रशासन द्वारा जारी कुछ वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई है। समिति का कहना है कि इन वीडियो में यह स्पष्ट नहीं है कि वे कब के हैं, इनमें बोलने वाले यात्री कौन हैं और वे किस ट्रेन से यात्रा कर रहे हैं। ऐसे अस्पष्ट और संदिग्ध वीडियो जारी कर रेलवे यात्रियों की वास्तविक समस्याओं से ध्यान भटकाने का प्रयास कर रहा है।
समिति के संयोजक शिवशंकर सिंह, सुबोध श्रीवास्तव और अजय कुमार ने कहा कि यात्री लंबे समय से ट्रेनों की अनियमितता, घंटों की देरी और अव्यवस्थित संचालन से परेशान हैं। इससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है। इसके बावजूद रेलवे प्रशासन समस्या के समाधान की दिशा में ठोस पहल करने के बजाय भ्रामक प्रचार-प्रसार में लगा हुआ है।
समिति ने रेलवे से मांग की है कि वह इस प्रकार के गैर-जिम्मेदाराना कृत्यों से बाज आए और ट्रेनों की लेटलतीफी दूर करने के लिए प्रभावी कदम उठाए। उन्होंने कहा कि यदि ट्रेनों के परिचालन में वास्तव में सुधार हुआ है, तो रेलवे को इसे पूरी पारदर्शिता के साथ सार्वजनिक करना चाहिए।
समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही ट्रेनों का संचालन समय पर सुनिश्चित नहीं किया गया, तो आंदोलन को और अधिक व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा। यात्रियों के धैर्य की अब और परीक्षा नहीं ली जानी चाहिए।

