राष्ट्र संवाद संवाददाता
बढ़ती उम्र की लड़कियां भी खेल के मैदान पर उतरकर खेलना चाहती है, लेकिन तमाम सामाजिक बंधनों के कारण ज्यादातर लड़कियों महिलाओं के लिए यह संभव नहीं। रांची जिले के सुदूर प्रखंड तमाड़ स्थित चिरूडीह गांव की 22 वर्षीय नमिता कुमारी अपने साहसिक फैसले से तमाम लड़कियों के लिए एक मिशाल बन कर उभरी है। नमिता की शादी 3 मई को होने वाली है, लेकिन नमिता ने शादी के मंडप में जाने से पहले क्रिकेट के मैदान पर भी पदार्पण कर अपने गांव के दर्जनों लड़कियों को हौसला दिया कि वह भी खेल के मैदान पर बेहिचक होकर उतर रही है। अब नमिता और गांव की डेढ़ दर्जन लड़कियां खेल के मैदान पर मिक्स जेंडर मैच के दौरान लड़कों के साथ क्रिकेट के मैदान पर उतर रही है। रविवार को चिरूडीह गांव की तीन मिक्स जेंडर टीमों नमिता एकादश, सीता एकादश व काजल एकादश के बीच त्रिकोणीय मिक्स जेंडर टूर्नामेंट खेला गया।
समाज में बालक-बालिका समानता लाने के उद्देश्य से शुरू मिक्स जेंडर क्रिकेट टीम में 6 लड़कियां और 5 लड़के एक साथ एक ही टीम में खेलते है। पिछले दिनों सामाजिक संस्था निश्चय फाउंडेशन के संस्थापक व झारखंड के पैडमैन के नाम से मशहूर तरुण कुमार चिरुडीह गांव पहुंचे थे। माहवारी स्वच्छता व महिला मुद्दों पर आधारित कार्यशाला के दौरान नमिता ने इच्छा जाहिर कि थी वह अपनी शादी से पहले क्रिकेट खेलना चाहती है। बताते चले कि तरुण कुमार ने समाज में जेंडर समानता लाने के उद्देश्य से 2018 से मिक्स जेंडर क्रिकेट अभियान की शुरुआत की थी। जिसके माध्यम से ना सिर्फ लड़कियों को खेलने का मौका मिलता है, वही एक ही टीम में साथ खेलकर लड़के भी बालक-बालिका समानता, महिला सम्मान व साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सहज ही सीख पाते है। क्रिकेट लिजेंड सचिन तेंदुलकर जी की भी सराहना मिक्स जेंडर क्रिकेट अभियान को 2019 में मिली थी। जिसके बाद झारखंड से शुरू अभियान देश के अन्य राज्यों व देशों तक जा पहुंचा है।
नमिता ने शादी से पहले क्रिकेट के मैदान पर उतरने की इच्छा जाहिर कि तभी अन्य लड़कियों ने भी बताया कि वह भी खेलना चाहती है, लेकिन उन्हें कभी इस तरह का मौका नहीं मिला। फिर कप्तान नमिता के नेतृत्व में गांव की मिक्स जेंडर टीम तैयार हो गई, गांव के लड़कों ने भी साथ दिया और रविवार 19 मई की सुबह सभी लड़कियां पहली बार क्रिकेट के मैदान पर उतरी। उस दिन नमिता एकादश और सीता एकादश के बीच दो अभ्यास मैच खेले गए । इस दौरान सभी का उत्साह देखते ही बनता था। रविवार 26 मई की सुबह गांव की अन्य लड़कियां भी खेल के मैदान पर आ पहुंची, और काजल के नेतृत्व में तीसरी मिक्स जेंडर क्रिकेट टीम काजल एकादश भी मैदान में उतरी। रविवार को त्रिकोणीय मिक्स जेंडर क्रिकेट टूर्नामेंट का आयोजन हुआ। जिसमें लीग, क्वालीफायर और फाइनल मुकाबले खेले गए। सीता एकादश ने लीग मैच के दोनों मैच जीतकर सीधे फाइनल में जगह बनाई, वही नमिता एकादश और काजल एकादश के बीच एलिमिनेटर मुकाबला खेला गया। फाइनल मुकाबला सीता एकादश और काजल एकादश के बीच खेला गया। फाइनल में काजल एकादश ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 5 ओवर्स में कुल 62/2 का स्कोर बनाते हुए सीता एकादश को 63 रनों का लक्ष्य दिया। सीता एकादश ने लक्ष्य का पीछा करते हुए निर्धारित ओवर्स में 47/5 का ही स्कोर बना सकी, और काजल एकादश ने अपने गांव में खेला गया पहला त्रिकोणीय मिक्स जेंडर टूर्नामेंट 15 रनों से जीत लिया।
रांची के चिरूडीह गांव में खेला गया पहला मिक्स जेंडर टूर्नामेंट इसलिए भी अनोखा रहा, क्योंकि यह गांव की लड़कियों के खेलने की इच्छा और उनके दृढ़ संकल्प को दर्शाता है। सुबह 7:00 बजे से शुरू टूर्नामेंट दोपहर 11:30 बजे तक जारी रहा। तेज गर्मी व धूप ने भी लड़कियों के उत्साह को कम नहीं होने दिया, मैदान पर उतरी लड़कियों ने बताया कि धूप तो बढ़ रही है, लेकिन वह उनके खेलने के उत्साह को कम नहीं कर सकती। लड़कियों का यह अभिव्यक्ति कई सामाजिक मानदंडों पर भी सवाल खड़ी करती है। समूचे आयोजन में सोहराय आर्टिस्ट मनीष महतो, शिक्षाविद् आकाश महतो, जेंडर कार्यकर्ता सोमाय लोहार, पंकज, बादल, पुष्कर , पवन, आशीष, नरेंद्र और अन्य युवा साथियों की प्रमुख भूमिका रही। अब अगले रविवार 3 मई को नमिता की शादी खूंटी के उलिहातु के मंगल मुंडा के साथ होने वाली है। नमिता ने बताया कि शादी के बाद भी मैदान पर उतरने का यह क्रम जारी रहेगा। उन्होंने अपने टीम की कमान साथी खिलाड़ी लक्ष्मी को सौंप दिया है। नमिता की यह प्रेरक कहानी हमारे समाज की उन लाखों लड़कियों का प्रतिनिधित्व करती है, जो मैदान पर उतरने की, खेलने की इच्छा तो रखती है, लेकिन तमाम सामाजिक बंधन व रूढ़िवादी सोच उनका रास्ता रोकती है। लेकिन नमिता जैसे मजबूत संकल्प, साहस और लड़कियों के एकजुटता की बदौलत एक नई राह भी निकल सकती है। वही मिक्स जेंडर क्रिकेट न्यूनतम संसाधनों व जनभागीदारी से ही समाज में बदलाव की नई तकदीर लिख सकता है

