राष्ट्र संवाद संवाददाता
चाईबासा (पश्चिमी सिंहभूम) स्थित जिला कोषागार से 45 लाख रुपये की अवैध निकासी के सनसनीखेज मामले में पुलिस ने कड़ी कार्रवाई करते हुए आरक्षी देव नारायण मुर्मू को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि इस घोटाले को अंजाम देने के लिए फर्जी बिल, जाली दस्तावेज और नकली हस्ताक्षरों का सहारा लिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोषागार में कार्यरत दो अन्य कर्मचारियों पर भी पुलिस की नजर बनी हुई है, जिनके खिलाफ पहले ही प्राथमिकी दर्ज की जा चुकी है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है। जानकारी के अनुसार, आरोपियों ने अवैध रूप से निकाली गई राशि को सीधे अपने बैंक खातों में जमा करने के बजाय अपने सगे-संबंधियों के खातों में ट्रांसफर कर उसे छिपाने की कोशिश की, ताकि जांच एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। यह पूरा मामला नियमित ऑडिट के दौरान सामने आया, जिसके बाद इसे उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया गया। उपायुक्त मनीष कुमार और पुलिस अधीक्षक अमित रेनू के निर्देश पर गठित विशेष जांच टीम ने जब अपनी रिपोर्ट सौंपी, तब आरक्षी का नाम प्रमुख रूप से सामने आया। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है और आशंका जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े और भी बड़े नाम और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।

