अमरावती कांड: 180 मासूमों की जिंदगी बर्बाद करने वाला मुख्य आरोपी मना रहा ‘जश्न’, तमाशबीन बनी पुलिस पर उठे सवाल
राष्ट्र संवाद संवाददाता
मुंबई (इंद्र यादव) महाराष्ट्र के अमरावती से एक ऐसा वीडियो सामने आया है जिसने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि मानवता को भी शर्मसार कर दिया है। 180 से ज्यादा नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और ब्लैकमेलिंग के मुख्य आरोपी मोहम्मद अयाज उर्फ तनवीर का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में आरोपी पुलिस की मौजूदगी में शान-ओ-शौकत के साथ अपना जन्मदिन मनाते हुए दिखाई दे रहा है।
जश्न का वीडियो: आतिशबाजी और केक की बौछार
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि आरोपी मोहम्मद अयाज भारी भीड़ के बीच घिरा हुआ है। उसके सामने कई केक रखे हैं और आसमान पटाखों की गूँज और आतिशबाजी से रोशन है। समर्थक उसे केक खिला रहे हैं और गले लगकर बधाइयां दे रहे हैं। यह नजारा किसी अपराधी के पकड़े जाने के डर का नहीं, बल्कि एक रसूखदार व्यक्ति के उत्सव जैसा प्रतीत हो रहा है।
कटघरे में खाकी: रक्षक या भक्षक के मददगार
सबसे ज्यादा हैरान करने वाली बात वीडियो में पुलिसकर्मियों की मौजूदगी है। जिस आरोपी पर मासूम बच्चियों की जिंदगी तबाह करने का गंभीर आरोप है, उसके ठीक बगल में पुलिसकर्मी खड़े नजर आ रहे हैं।
सवाल: क्या पुलिस प्रशासन अपराधियों को संरक्षण दे रहा है?
विवाद: जनता में भारी रोष है कि इतने संगीन जुर्म के आरोपी को खुली छूट और पुलिस की ‘छाया’ में जश्न मनाने का मौका कैसे मिला?
क्या है अमरावती का ‘लव ट्रैप’ और ब्लैकमेलिंग कांड
मोहम्मद अयाज पर लगे आरोप रूह कंपा देने वाले हैं। मामले की गंभीरता को इन बिंदुओं से समझा जा सकता है:
180 से ज्यादा शिकार: अयाज पर आरोप है कि उसने सोशल मीडिया (WhatsApp और Snapchat) के जरिए करीब 180 नाबालिग लड़कियों को अपने जाल में फंसाया।
अश्लील वीडियो और ब्लैकमेल: पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी लड़कियों को मुंबई और पुणे जैसे शहरों में ले जाकर उनके अश्लील वीडियो शूट करता था। अब तक 350 से ज्यादा वीडियो बरामद होने की खबर है।
देह व्यापार का दलदल: कुछ पीड़िताओं को डरा-धमकाकर और ब्लैकमेल कर देह व्यापार के धंधे में भी धकेला गया।
नेटवर्क का अंदेशा: जांच एजेंसियों को शक है कि अयाज अकेला नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक बड़ा संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है।
सियासी पारा गर्म: SIT की मांग
इस मामले ने अब राजनीतिक मोड़ भी ले लिया है। राज्यसभा सांसद अनिल बोंडे ने पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) विशाल आनंद को ज्ञापन सौंपकर इस ‘सिस्टमैटिक टारगेट’ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही SIT (विशेष जांच दल) का गठन कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो बड़ा जनांदोलन छेड़ा जाएगा।
“जिस आरोपी ने सैकड़ों परिवारों की खुशियां छीन लीं, वह पुलिस के सामने पटाखे फोड़ रहा है। यह न्याय प्रणाली का मजाक है।” — सोशल मीडिया पर वायरल एक नागरिक की प्रतिक्रिया।
फिलहाल, वायरल वीडियो के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। देखना यह होगा कि क्या इन पुलिसकर्मियों पर कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है या नहीं।

