प्रधानमंत्री मोदी के संबोधन के बीच लोकसभा में तीन अहम विधेयक पेश, परिसीमन बिल पर विपक्ष का हंगामा
एजेंसी
नई दिल्ली, 16 अप्रैल। केंद्र सरकार ने गुरुवार को लोकसभा में तीन महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान संशोधन विधेयक 2026, परिसीमन विधेयक 2026 और केंद्र शासित प्रदेश संशोधन विधेयक 2026। इनमें खासतौर पर परिसीमन विधेयक को लेकर विपक्षी दलों ने जोरदार विरोध जताया और इसे चुनावी फायदे के लिए लाया गया कदम बताया।
विपक्ष के हंगामे के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा को संबोधित करते हुए सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि परिसीमन की प्रक्रिया में किसी भी राज्य के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा।
*“मैं गारंटी देता हूं”—प्रधानमंत्री मोदी*
प्रधानमंत्री ने सदन में कहा कि यह प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष होगी।
उन्होंने कहा, “चाहे दक्षिण हो, उत्तर हो, पूरब हो या पश्चिम, छोटे राज्य हों या बड़े—किसी के साथ भी अन्याय नहीं होगा। भूतकाल में जो परिसीमन हुआ, उसी अनुपात में आगे भी वृद्धि होगी। अगर गारंटी चाहिए तो मैं गारंटी देता हूं।”
*परिसीमन और महिला आरक्षण का प्रावधान*
सरकार का यह कदम लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में अहम माना जा रहा है। प्रस्तावित विधेयक के तहत लोकसभा की कुल सीटों की संख्या 543 से बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान है। इसमें 815 सीटें राज्यों और 35 सीटें केंद्र शासित प्रदेशों के लिए निर्धारित होंगी।
इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 81 में संशोधन प्रस्तावित है। विधेयक में यह भी स्पष्ट किया गया है कि परिसीमन के लिए उसी जनगणना के आंकड़ों का उपयोग होगा, जो आधिकारिक रूप से प्रकाशित हो चुके हों। फिलहाल 2011 की जनगणना के आधार पर ही निर्वाचन क्षेत्रों का पुनर्निर्धारण किया जाएगा।
*वोटिंग की तारीख तय*
लोकसभा में तीनों विधेयकों पर चर्चा के लिए 18 घंटे का समय निर्धारित किया गया है। 17 अप्रैल को चर्चा के बाद इन पर मतदान कराया जाएगा। इसके बाद 18 अप्रैल को राज्यसभा में विधेयक पेश किए जाएंगे, जहां 10 घंटे की चर्चा के बाद उसी दिन वोटिंग होगी।
इन विधेयकों को लेकर संसद में सियासी घमासान तेज हो गया है और आने वाले दिनों में इस पर व्यापक बहस की संभावना है।

