कानपुर किडनी कांड: फीस के लिए छात्र ने बेची किडनी, अवैध ट्रांसप्लांट रैकेट का खुलासा
राष्ट्र संवाद संवाददाता
इंद्र यादव
कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट का सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बिहार के समस्तीपुर निवासी MBA छात्र आयुष चौधरी ने फीस चुकाने के लिए दलाल के जरिए 9 लाख रुपये में किडनी बेचने का सौदा किया। आरोप है कि दलाल ने उसे केवल 3.5 लाख रुपये दिए।
इस रैकेट में कानपुर के कुछ निजी अस्पतालों की संदिग्ध भूमिका सामने आई है, जहां नियमों को दरकिनार कर ट्रांसप्लांट किया गया। पुलिस की भनक लगते ही मरीजों को दूसरे अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया।
मामले में एक महिला मरीज पारुल तोमर के परिवार से करीब 1 करोड़ रुपये वसूले जाने की भी बात सामने आई है। फिलहाल दोनों मरीज हैलट अस्पताल में भर्ती हैं और हालत गंभीर बताई जा रही है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और दलाल समेत अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। यह घटना अवैध अंग व्यापार, महंगी शिक्षा व्यवस्था और निजी अस्पतालों की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े करती

