Close Menu
Rashtra SamvadRashtra Samvad
    Facebook X (Twitter) Instagram
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • होम
    • राष्ट्रीय
    • अन्तर्राष्ट्रीय
    • राज्यों से
      • झारखंड
      • बिहार
      • उत्तर प्रदेश
      • ओड़िशा
    • संपादकीय
      • मेहमान का पन्ना
      • साहित्य
      • खबरीलाल
    • खेल
    • वीडियो
    • ईपेपर
    Topics:
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Rashtra SamvadRashtra Samvad
    • रांची
    • जमशेदपुर
    • चाईबासा
    • सरायकेला-खरसावां
    • धनबाद
    • हजारीबाग
    • जामताड़ा
    Home » इंसानियत के खिलाफ संगठित अपराध का काला सच
    Breaking News Headlines कारोबार खबरें राज्य से चाईबासा जमशेदपुर जामताड़ा झारखंड दुमका धनबाद रांची राष्ट्रीय सरायकेला-खरसावां संवाद की अदालत संवाद विशेष हजारीबाग

    इंसानियत के खिलाफ संगठित अपराध का काला सच

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarApril 1, 2026No Comments2 Mins Read
    Share Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Share
    Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link

    इंसानियत के खिलाफ संगठित अपराध का काला सच

    1996-97 में जमशेदपुर भी किडनी रैकेट को लेकर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा था

    देवानंद सिंह

    कानपुर में उजागर हुआ किडनी ट्रांसप्लांट रैकेट सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि हमारी स्वास्थ्य व्यवस्था, निगरानी तंत्र और सामाजिक असमानताओं पर गहरा सवाल है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गरीब और जरूरतमंद लोगों को लालच देकर उनकी किडनी कम कीमत पर ली गई और फिर मरीजों को कई गुना अधिक रकम में बेची गई। यह न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि इंसानियत के मूल्यों के खिलाफ भी एक गंभीर अपराध है।

    सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि इस पूरे नेटवर्क में निजी अस्पतालों, डॉक्टरों और बिचौलियों की कथित संलिप्तता सामने आई है। हालिया कार्रवाई में कुछ डॉक्टरों की गिरफ्तारी भी हुई है, जो यह दर्शाता है कि यह रैकेट केवल दलालों तक सीमित नहीं, बल्कि स्वास्थ्य तंत्र के भीतर तक अपनी जड़ें जमा चुका है। यदि इलाज के नाम पर भरोसे की जगह सौदेबाजी होने लगे, तो आम आदमी का स्वास्थ्य व्यवस्था से विश्वास उठना तय है। एक आठवीं पास एंबुलेंस चालक का ‘फर्जी डॉक्टर’ बनकर इस नेटवर्क का हिस्सा होना व्यवस्था की गंभीर खामियों को उजागर करता है।

    यह पहली बार नहीं है जब इस तरह का मामला सामने आया हो। सन् 1996-97 में जमशेदपुर भी किडनी रैकेट को लेकर राष्ट्रीय सुर्खियों में रहा था। यानी दशकों बाद भी हालात में अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है, जो चिंताजनक है। यह बताता है कि केवल कार्रवाई नहीं, बल्कि दीर्घकालिक और संरचनात्मक सुधार की जरूरत है।

    टेलीग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए डोनर और रिसीवर को जोड़ना इस अपराध के आधुनिक और खतरनाक रूप को दर्शाता है। यह नेटवर्क अब तकनीक का सहारा लेकर और अधिक संगठित तथा गोपनीय होता जा रहा है।

    अब जरूरत है कड़ी और पारदर्शी कार्रवाई की। दोषियों को सख्त सजा मिले, अवैध ट्रांसप्लांट में शामिल अस्पतालों की मान्यता रद्द हो, और निगरानी प्रणाली को तकनीकी रूप से मजबूत बनाया जाए। साथ ही, अंगदान की वैध और पारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा देकर इस काले कारोबार की जमीन को कमजोर करना होगा।

    गरीबी और मजबूरी का फायदा उठाकर मानव अंगों का सौदा करने वालों के खिलाफ सिर्फ कानूनी ही नहीं, सामाजिक स्तर पर भी सख्त संदेश देना जरूरी है। क्योंकि जब इंसान की जिंदगी बाजार बन जाए, तो समाज को खुद अपने मूल्यों पर पुनर्विचार करना पड़ता है।

    इंसानियत के खिलाफ संगठित अपराध का काला सच
    Share. Facebook Twitter Telegram WhatsApp Copy Link
    Previous Articleजया किशोरी की कथा में उमड़ा जनसैलाब, रघुवर दास व बन्ना गुप्ता सम्मानित
    Next Article उड़ान योजना को 10 साल का विस्तार, झारखंड के जमशेदपुर, बोकारो और देवघर को मिला लाभ

    Related Posts

    एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में भूमिज समाज, ग्रामसभा के अधिकार की मांग

    August 20, 2026

    बानसा में नकाबपोशों का दुस्साहस

    August 20, 2026

    बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर भाजपा का जोर

    August 20, 2026

    Comments are closed.

    अभी-अभी

    एमएमडीआर संशोधन विधेयक के विरोध में भूमिज समाज, ग्रामसभा के अधिकार की मांग

    बानसा में नकाबपोशों का दुस्साहस

    बूथ सशक्तिकरण और संगठन विस्तार पर भाजपा का जोर

    चोरी-छिनतई गिरोह का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

    डीबीएमएस करियर अकादमी में यातायात सुरक्षा सत्र, 125 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

    राजीव गांधी की जयंती पर कांग्रेस ने दी श्रद्धांजलि

    26वीं भजन संध्या के लिए प्रशासन एवं पुलिस अधिकारियों को निमंत्रण

    लगातार बारिश से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचीं विधायक पूर्णिमा साहू, घर-घर बांटी राहत सामग्री

    विधानसभा सामान्य प्रयोजन समिति की बैठक में योजनाओं की समीक्षा, अधिकारियों को दिए जरूरी निर्देश

    रक्षाबंधन को लेकर सजे बाजार, खूबसूरत राखियों की बढ़ी मांग

    Facebook X (Twitter) Telegram WhatsApp
    © 2026 News Samvad. Designed by Cryptonix Labs .

    Type above and press Enter to search. Press Esc to cancel.