यूसिल में नौकरी पर टकराव: दो विधवाओं के मामले में प्रबंधन ने गेंद सरकार के पाले में डाली, 15 दिन की मोहलत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जादूगोड़ा:यूसिल प्रबंधन ने दो ठेका कर्मियों की मौत के बदले उनकी विधवा पत्नियों को नौकरी देने के मामले में फैसला झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और मुख्य सचिव के स्तर पर छोड़ दिया है। साथ ही इस मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों से 15 दिनों की मोहलत मांगी गई है, ताकि सरकार से दिशा-निर्देश लेकर आगे निर्णय लिया जा सके।
यह मामला दो वर्ष पूर्व मृत ठेका कर्मी जयराम हांसदा और श्याम सोरेन से जुड़ा है। मृतकों की पत्नियां सोमवारी हांसदा और रामदेव सोरेन ने प्रबंधन पर वादा खिलाफी का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि 15 जनवरी को हुए समझौते में नौकरी देने के आश्वासन पर हड़ताल खत्म की गई थी, लेकिन अब कंपनी मुकर रही है।
पीड़ित महिलाओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब अन्य मामलों में विधवाओं को रोजगार दिया गया, तो उनके साथ भेदभाव क्यों किया जा रहा है। विरोध में दोनों महिलाएं प्लांट परिसर में करीब सात घंटे तक धरने पर बैठी रहीं।
बाद में यूसिल प्रबंधन के लिखित आश्वासन और पुलिस की मौजूदगी में दोनों महिलाओं को देर रात प्लांट से बाहर भेजा गया। अब सभी की नजरें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।

