राष्ट्र संवाद संवाददाता
चांडिल चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर सोमवार को स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर पथ निर्माण विभाग, सरायकेला एवं उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने सड़क की खराब हालत पर गहरी नाराजगी जताते हुए जल्द से जल्द मरम्मत कार्य पूरा कराने की मांग की।
ग्रामीणों का कहना है कि चांडिल-कांड्रा मुख्य मार्ग की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि लोगों को घर से निकलते ही अपनी जान जोखिम में डालनी पड़ रही है। सड़क पर गड्ढों और धूल के कारण आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं, जिससे आमजन काफी परेशान हैं।
बताया गया कि इस समस्या को लेकर पहले भी ग्रामीणों ने आंदोलन किया था, जिसके बाद स्थानीय विधायक सबिता महतो ने 2 दिसंबर 2025 को सड़क मरम्मत कार्य का शिलान्यास किया था और चार माह के भीतर कार्य पूरा करने का आश्वासन दिया था।लेकिन संवेदक की लापरवाही के कारण चार महीने बीत जाने के बावजूद न केवल मरम्मत कार्य अधूरा है, बल्कि सड़क की स्थिति और भी खराब हो गई है।
ग्रामीणों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विभागीय अधिकारियों की होगी।
ग्रामीणों की प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं:
चांडिल-कांड्रा सड़क की मरम्मत का कार्य अविलंब पूरा किया जाए।
मरम्मत कार्य पूरा होने तक प्रतिदिन कम से कम तीन बार पानी का छिड़काव किया जाए, ताकि धूल प्रदूषण से राहत मिल सके, तथा भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगाई जाए।
घनी आबादी वाले क्षेत्रों में 40 किमी प्रति घंटा की गति सीमा निर्धारित की जाए।
चैनपुर स्थित मुख्य नहर पुल पर सुरक्षा के लिए रेलिंग लगाई जाए।
स्कूली बच्चों और पैदल यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर फुटपाथ का निर्माण किया जाए।
इस दौरान रुदिया पंचायत के मुखिया ज्योतिलाल महली के नेतृत्व में आशुदेव महतो, राजेश राकेश रंजन महतो, कृष्ण चंद्र महतो, भुजंग मछुआ, बोकेश्वर महतो, धनपति गोप समेत कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

