राष्ट्र संवाद संवाददाता
देशभर में एटीएम से पैसा निकालना अब पहले से ज्यादा महंगा हो गया है। फ्री ट्रांजैक्शन की सीमा पार करने के बाद प्रत्येक कैश निकासी पर अब 20 से 22 रुपये तक शुल्क देना पड़ रहा है। सरकारी और निजी बैंकों द्वारा लागू किए गए नए नियमों के तहत अलग-अलग बैंकों ने अपने-अपने चार्ज तय कर दिए हैं, जिससे आम ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है।
इधर, जादूगोड़ा क्षेत्र के लोगों के लिए समस्या और भी गंभीर हो गई है। यहां Bank of India की मेचूआ शाखा में एटीएम की सुविधा नहीं होने से स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नकद निकासी के लिए लोगों को करीब 20 किलोमीटर दूर अन्य बैंकों के एटीएम पर निर्भर रहना पड़ता है।
बताया जाता है कि कुछ वर्ष पहले बैंक परिसर में एटीएम काउंटर स्थापित किया गया था, लेकिन मामूली खराबी के बाद उसे हटा दिया गया और आज तक पुनः स्थापित नहीं किया गया। हैरानी की बात यह है कि जिस स्थान पर एटीएम था, वहां अब एक श्रृंगार की दुकान खोल दी गई है।
घनी आबादी वाले इस क्षेत्र में एटीएम सुविधा का अभाव बैंक की लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोग लंबे समय से एटीएम की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। इस संबंध में शाखा प्रबंधन के संदीप कुमार ने बताया कि एटीएम सुविधा बहाल करने के लिए विभाग को पत्र भेजा गया है, और जल्द समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।

