2 करोड़ के चार दिवारी और क्वार्टर के जर्जर अवस्था और पेंटिंग पर उठ रहे हैं सवाल।
राष्ट्र संवाद मुख्य संवाददाता
जमशेदपुर। यूरेनियम कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसील) का संपदा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। विभाग में करीब 20 साल से पदस्थापित अधिकारी दिलीप कुमार मंडल पर भ्रष्टाचार और लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। प्रबंधन ने अब इन्हें कब करवाई करेगी इसको लेकर आवाज तेज होने लगी हे।, नया अधिकारी नियुक्त घनश्याम की नियुक्ति यूसिल द्वारा किया गया हे लेकिन इनपर कोई कार्रवाई नहीं हुई हे।
बदहाल कॉलोनी, कर्मियों में आक्रोश
संपदा विभाग की जिम्मेदारी कॉलोनी की साफ-सफाई, क्वार्टर, सड़क, नाली और झाड़ी कटाई की है। मगर हकीकत यह है कि कॉलोनी गंदगी से पटी हुई है। टूटी-फूटी खिड़कियां और दरवाजे, जगह-जगह फटे पाइप, ओवरफ्लो होते सेफ्टी टैंक और जर्जर क्वार्टरों ने कर्मियों का जीना मुश्किल कर दिया है। कई घरों को बांस के सहारे टिकाना पड़ रहा है, जबकि प्लास्टर टूटकर गिरने से हादसे भी हो चुके हैं
करोड़ों खर्च, लेकिन काम घटिया
प्रबंधन हर साल लाखों रुपये कॉलोनी के रखरखाव पर खर्च करता है, पर नतीजा शून्य है। हाल ही में 2 करोड़ की लागत से बनी चारदीवारी घटिया गुणवत्ता के कारण ढह गई। निर्माण के समय ही इस पर सवाल उठे थे, मगर अधिकारियों ने अनदेखी कर दी। यूसील कॉलोनी के बी टाइप क्वार्टर का लगभग 70 लाख की लागत से हाल ही में वेदर कोड पेंटिंग किया गया है लेकिन पेंटिंग होते हैं कि कुछ दिन बाद फिर से बदहाल नजर आ रही है जिसमें ठेकेदार और अधिकारी के मिली भगत से यूसिल को चूना लगाया जा रहा है डबल पेंटिंग करने का था लेकिन सिंगल कोड में ही मामला को रफा दफा कर दिया गया ठेकेदार के द्वारा कम रेट भर का टेंडर लिया जाता है और अधिकारी के साथ मिलकर घटिया काम कर उसको भी लाभ पहुंचाया जाता है और यूसिल को चूना लगाया जाता है।कॉलोनी में बाहरी लोगों की आवाजाही से चोरी और नशे का कारोबार तेजी से बढ़ा है। आए दिन मारपीट की घटनाएं हो रही हैं। झाड़ी कटाई नहीं होने से कॉलोनी जंगल का रूप ले चुकी है। मच्छरों के बढ़ते प्रकोप से डेंगू और अन्य बीमारियां फैल रही हैं।
अकूत संपत्ति की जांच की मांग
दिलीप कुमार मंडल पर आरोप है कि उन्होंने अपने लंबे कार्यकाल में अकूत संपत्ति बनाई है। कई फ्लैट और जमीन-जायदाद के मालिक होने की चर्चा है। कर्मियों ने प्रबंधन और उच्च अधिकारियों से उनकी संपत्ति की जांच की मांग की है।
वहीं कुछ ठेकेदारों ने बताया कि अब संपदा में इनका कार्यालय कुछ दिन शेष रह गया है लगभग 14 करोड़ का टेंडर इनके कार्यकाल में होने की है जिसमें सड़क का टेंडर है और स्पिनग का टेंडर है बाहरी ठेकेदार को उनके द्वारा यहां मैनेज करने की तैयारी चल रही है जिससे इन्हें भी लाभ हो इस पर भी जांच किया जाए और सिविल के अधिकारी के पद से इन्हें हटाकर ही नए अधिकारी की नियुक्ति में यह काम दिया जाए जिससे यूसिल का काम गुणवत्ता पूर्ण हो सके उनके कार्यकाल में अधिक से अधिक काम घटिया हुआ है लगातार भ्रष्टाचार का आरोप इन पर लग रहा है

