रिपोर्ट – अमन ओझा (ब्यूरो चीफ, कोल्हान)
जमशेदपुर के टीएमएच अस्पताल से एक बेहद शर्मनाक और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां सुरक्षा के नाम पर तैनात प्राइवेट गार्ड की दबंगई ने इंसानियत को शर्मसार कर दिया। आरोप है कि अस्पताल परिसर में मौजूद एक मरीज के परिजन को गार्ड ने मामूली कहासुनी के बाद बेरहमी से पीट दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, परिजन अपने मरीज की स्थिति को लेकर परेशान थे और किसी बात को लेकर गार्ड से बहस हो गई, जिसके बाद गार्ड ने आपा खो दिया और मारपीट पर उतर आया। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन गार्ड का गुस्सा इतना ज्यादा था कि उसने किसी की एक न सुनी। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और वहां मौजूद अन्य मरीजों व उनके परिजनों में भी भय और आक्रोश फैल गया। लोगों का कहना है कि अस्पताल, जहां मरीजों को राहत और सहारा मिलना चाहिए, वहां इस तरह की घटनाएं बेहद दुर्भाग्यपूर्ण हैं। पीड़ित परिजन को चोटें आई हैं, जिसके बाद उनका इलाज भी अस्पताल में ही कराया गया। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों और परिजनों ने दोषी गार्ड के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, वहीं यह भी सवाल उठ रहा है कि क्या अस्पताल में तैनात सुरक्षा कर्मियों को संवेदनशील परिस्थितियों से निपटने की उचित ट्रेनिंग दी जाती है या नहीं। फिलहाल, मामले की सूचना संबंधित थाने को दे दी गई है और आगे की जांच जारी है।

