मानवता की अनूठी मिसाल: उत्तर प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में ‘शिबानी इकोनॉमिक एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन’ की सेवाएँ
राष्ट्र संवाद
मनीषा शर्मा
समाज के सबसे निचले वर्ग के लोगों के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य के साथ, उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में ‘शिबानी इकोनॉमिक एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन’ (Shibani Economic Education Development Foundation) नामक स्वयंसेवी संस्था ने एक मूक क्रांति की शुरुआत की है। विशेष रूप से महिलाओं की आत्मनिर्भरता और बच्चों की शिक्षा एवं स्वास्थ्य के क्षेत्र में संस्था द्वारा दी जा रही निरंतर सेवाओं ने इस क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाई है।
हाल ही में संस्था के निमंत्रण पर उत्तर प्रदेश के तीन विद्यालयों का दौरा करने के दौरान एक अत्यंत उत्साहजनक वातावरण देखने को मिला। संस्था की अध्यक्षा श्रीमती बर्नाली खारा, उपाध्यक्ष तथा शारदा विश्वविद्यालय के चांसलर प्रोफेसर शिवराम खारा और एनटीपीसी के पूर्व जनरल मैनेजर एवं सलाहकार बोर्ड के सदस्य श्री श्रीवास्तव के प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में इन पिछड़े क्षेत्रों के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य को बदलने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम के मुख्य बिंदु:
• बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य: आर्थिक रूप से पिछड़े परिवारों के बच्चों को स्कूलों तक लाने के साथ-साथ संस्था उनके स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दे रही है। स्कूली बच्चों के साथ बातचीत करने पर उनमें छिपी प्रतिभा और शिक्षा के प्रति उनका उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है।
• महिला आत्मनिर्भरता: गाँव की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र बनाने के लिए फाउंडेशन उन्हें सिलाई-कढ़ाई, अचार बनाने जैसे विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण और सहायता प्रदान कर रहा है। इसके माध्यम से महिलाएँ न केवल अपने परिवार को आर्थिक संबल दे रही हैं, बल्कि स्वाभिमान के साथ जीने का जरिया भी पा रही हैं।
संस्था का यह मानवीय दृष्टिकोण और सहानुभूतिपूर्ण कार्य सभी उपस्थित लोगों के दिलों को छू गया। विशेष रूप से श्रीमती बर्नाली खारा और प्रोफेसर शिवराम खारा का व्यक्तिगत प्रयास और समाज के प्रति उनकी प्रतिबद्धता वास्तव में सराहनीय है। उनकी यह यात्रा न केवल कुछ गाँवों की, बल्कि पूरे क्षेत्र के सामाजिक और आर्थिक उत्थान में एक सशक्त भूमिका निभा रही है।
आशा है कि मानवता की यह खुशबू समाज के हर जागरूक व्यक्ति को प्रेरित करेगी। वंचित लोगों के चेहरों पर मुस्कान लाने के लिए ‘शिबानी इकोनॉमिक एजुकेशन डेवलपमेंट फाउंडेशन’ द्वारा उठाया गया यह कदम आने वाले समय में और अधिक विस्तारित होगा।

