पोटका के बच्चों ने सीखी पत्रिका निर्माण की कला: “महुआ साइलेंट ज़ीन प्रोजेक्ट” की शुरुआत
राष्ट्र संवाद संवाददाता
जमशेदपुर।पोटका प्रखंड के बच्चों के लिए एक अनूठी रचनात्मक पहल “महुआ साइलेंट ज़ीन प्रोजेक्ट” की शुरुआत 12 फरवरी से हुई। यह परियोजना यूथ यूनिटी फॉर वॉलंटरी एक्शन (युवा) और फुल टाइम हेजहोग स्टूडियो (शैलज़ा) के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास है।
परियोजना की रूपरेखा कलाकार शैलज़ा द्वारा तैयार की गई है, जो बच्चों के साथ कला कार्यशालाओं का संचालन कर रही हैं। वहीं, युवा एक सामुदायिक भागीदार के रूप में अपने प्रशिक्षकों के माध्यम से इस पहल को समुदाय तक पहुंचा रहा है। कार्यशालाएं पोटका प्रखंड के पोटका और टांग्राईन स्कूल में आयोजित की गईं, जिनमें कुल 50 बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
यह एक वर्षीय परियोजना कलाकारों, गैर-सरकारी संगठन और बाल कलाकारों की साझेदारी का सशक्त उदाहरण है। कार्यक्रम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से संचालित किया जाएगा।
परियोजना के प्रथम चरण में दो स्कूलों में दो दिवसीय कार्यशालाएं आयोजित की गईं, जिनमें बच्चों ने ‘ज़ीन’ (स्व-निर्मित लघु पत्रिका) की अवधारणा को समझा। उन्होंने ज़ीन बनाने की विभिन्न प्रक्रियाएं सीखीं, कला की अलग-अलग शैलियों का अभ्यास किया और अंततः अपनी स्वयं की ज़ीन तैयार की।
कार्यशाला के दौरान बच्चों ने महुआ वृक्ष और उसके आसपास मौजूद जीव-जंतुओं व पक्षियों के पारिस्थितिक संबंधों को समझा। पहले सत्र में बच्चों ने झीनक (साही) और महुआ पेड़ के संबंध को जाना और कला के माध्यम से उसे अभिव्यक्त किया।
“महुआ साइलेंट ज़ीन प्रोजेक्ट” का उद्देश्य पोटका प्रखंड के बच्चों को प्रकृति, जीव-जगत और विशेष रूप से महुआ के साथ अपने रिश्ते पर सोचने और उसे रचनात्मक रूप में व्यक्त करने के लिए प्रेरित करना है।
इस कार्यशाला को सफल बनाने में युवा की सचिव वर्णाली चक्रवर्ती तथा युवा के कार्यकर्ताओं कापरा माझी, चांदमनी, अंजना, चंद्रकला और अरूप की अहम भूमिका रही।

