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    24 साल बाद चेक बाउंस केस का फैसला, 47 हजार के मामले में 90 हजार रुपये चुकाने पड़े

    dhiraj KumarBy dhiraj KumarJanuary 31, 2026No Comments2 Mins Read
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    24 साल बाद चेक बाउंस केस का फैसला, 47 हजार के मामले में 90 हजार रुपये चुकाने पड़े

    राष्ट्र संवाद संवाददाता

    जमशेदपुर।देश के न्यायिक इतिहास में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां मात्र 47 हजार रुपये के चेक बाउंस का केस पूरे 24 वर्षों तक अदालत में चला। अंततः केस संख्या 895/2002 का फैसला सामने आया, जिसमें आरोपी को मूल राशि से लगभग दोगुनी रकम चुकानी पड़ी।

    जानकारी के अनुसार यह मामला वर्ष 2002 में गोलमुरी निवासी अशोक कुमार भाटिया द्वारा दर्ज कराया गया था। लंबे समय तक विचाराधीन रहने के बाद अदालत ने फैसला सुनाया, जिसके तहत आरोपी को कुल 90 हजार रुपये का भुगतान करना पड़ा।

    बताया गया है कि गिरफ्तारी की सजा से बचने के लिए आजाद मार्केट निवासी एवं राज टेंट के मालिक रवि डोकनिया ने यह राशि अदा की। इस प्रकरण ने यह स्पष्ट कर दिया कि छोटे आर्थिक विवाद भी वर्षों तक कानूनी प्रक्रिया में उलझे रह सकते हैं, जिससे समय और धन दोनों की भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

    मामले में श्री प्रकाश झा एडवोकेट ने अपने मुवक्किल को 24 वर्षों तक बचाने का भरसक प्रयास किया, लेकिन अंततः उनकी दलीलें प्रभावी सिद्ध नहीं हो सकीं। वहीं, श्री केवल कृष्ण और बबला जी के मजबूत पक्ष के सामने बचाव कमजोर पड़ा और अदालत ने अंतिम फैसला सुनाया।

    फैसले के बाद इलाके में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है कि कैसे एक मामूली राशि का चेक बाउंस केस दशकों तक अदालत में लंबित

    24 साल बाद चेक बाउंस केस का फैसला 47 हजार के मामले में 90 हजार रुपये चुकाने पड़े
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